डीएसपी कल्पना वर्मा केस: क्या फरार कारोबारी के इशारे पर हो रहा मीडिया ट्रायल? पुलिस की साख पर सवाल

डीएसपी कल्पना वर्मा केस: क्या फरार कारोबारी के इशारे पर हो रहा मीडिया ट्रायल? पुलिस की साख पर सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच चल रहा विवाद अब एक नया मोड़ ले चुका है। जिस 1400 पन्ने की जांच रिपोर्ट के हवाले से गंभीर खुलासे किए जा रहे हैं, उस रिपोर्ट की गोपनीयता पर ही बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। चर्चा है कि जब सरकार ने अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है, तो आखिर यह गोपनीय दस्तावेज मीडिया तक कैसे पहुंचे? क्या जांच अधिकारी या संबंधित विभाग के किसी व्यक्ति ने जानबूझकर इसे लीक किया है? पुलिस विभाग के भीतर ही अब इस बात की चर्चा तेज है कि यह वर्दी को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश हो सकती है।

खुद जालसाजी के मामलों में घिरा है कारोबारी दीपक टंडन

जिस दीपक टंडन को इस पूरे मामले में पीड़ित बताकर खबरें चलाई जा रही हैं, उसका खुद का रिकॉर्ड दागदार रहा है। प्रदेश के कई अलग-अलग जिलों के थानों में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, दीपक टंडन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है और वह फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जो दीपक टंडन के दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में एक अपराधी की शिकायतों के आधार पर महिला अधिकारी के खिलाफ मीडिया ट्रायल चलाना कई सवाल पैदा करता है।

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बिना मोबाइल जांच के कैसे लीक हुई व्हाट्सएप चैट?

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खबरों में दावा किया जा रहा है कि कल्पना वर्मा और दीपक टंडन के बीच हुई व्हाट्सएप चैट में खुफिया जानकारी लीक की गई है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब अब तक किसी का मोबाइल फोन जप्त ही नहीं किया गया, तो फिर यह चैट सामने कैसे आई? बिना फॉरेंसिक जांच और मोबाइल बरामदगी के इस तरह के दावे करना जांच प्रक्रिया पर भी उंगली उठाता है। विभागीय जानकारों का मानना है कि यह पूरी कवायद केवल महिला अधिकारी पर दबाव बनाने और विभाग की छवि खराब करने के लिए की जा रही है।

शासन की छवि बिगाड़ने की कोशिश

इस पूरे प्रकरण में जिस तरह से अधूरी और भ्रामक जानकारियां मीडिया में परोसी जा रही हैं, उससे सरकार की छवि पर भी बुरा असर पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रशासन को इस बात की जांच करनी चाहिए कि आखिर गोपनीय रिपोर्ट सार्वजनिक कैसे हुई। एक तरफ फरार आरोपी के पक्ष में माहौल बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के खिलाफ बिना सबूतों के आरोप लगाए जा रहे हैं।

डीएसपी कल्पना वर्मा ने कहा: यह राजनीतिक साजिश

डीएसपी कल्पना वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा है कि यह उन्हें बदनाम करने के लिए रची गई व्यक्तिगत साजिश है। इधर दीपक टंडन पर करोड़ों की ठगी के केस दर्ज हैं। पुलिस अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इस विवाद के पीछे और कौन से चेहरे छिपे हैं जो पर्दे के पीछे से खेल रहे हैं।

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