पुलिया निर्माण में देरी बनी आफत: बारिश में बहा डायवर्सन, 6 गांवों का बतौली मुख्यालय से टूटा संपर्क
बतौली। सरगुजा जिले में मानसून की पहली तेज बारिश ने अधूरे निर्माण कार्यों की पोल खोल दी है। बतौली-करदना मार्ग पर निर्माणाधीन पुलियों के पास बनाया गया अस्थायी डायवर्सन तेज बहाव में बह गया, जिससे आधा दर्जन गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से पूरी तरह कट गया। सड़क बंद होने से स्कूली बच्चों, किसानों, शिक्षकों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर पुलिया का निर्माण समय पर पूरा कर लिया गया होता तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
पांच महीने बाद भी अधूरी हैं पुलियां
जानकारी के अनुसार, बतौली से करदना जाने वाले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क मार्ग पर कोरकोट ढाब, लैगू और तिलाईघाट के पास तीन पुलियों का निर्माण दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में शुरू किया गया था। निर्माण एजेंसी ने पुलियों की नींव तो तैयार कर दी, लेकिन करीब पांच महीने बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। बरसात शुरू होने से पहले स्थायी पुल तैयार नहीं होने के कारण आवाजाही के लिए अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था। भारी बारिश के बाद तीनों डायवर्सन तेज पानी के बहाव में बह गए, जिससे सड़क पूरी तरह बंद हो गई और ग्रामीणों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया।
छात्रों, शिक्षकों और किसानों की बढ़ी मुश्किलें
मार्ग बंद होने का सबसे ज्यादा असर शिक्षा और खेती-किसानी पर पड़ा है। करदना, कदनई, लोटाभावना, झोजा, कोरकोट ढाब और लैगू गांवों के छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई शिक्षकों को वाहन छोड़कर करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय पहुंचना पड़ा। वहीं किसान भी खाद, बीज और कृषि सामग्री लेने बतौली नहीं पहुंच पा रहे हैं। दैनिक जरूरत का सामान, बैंक, तहसील, थाना, जनपद पंचायत और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी जरूरी सेवाओं तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह प्रभावित होने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
एकमात्र सड़क बंद होने से गांव हुए अलग-थलग
ग्रामीणों का कहना है कि करदना और आसपास के गांवों तक पहुंचने के लिए यही एकमात्र सड़क है। सड़क बंद होने के बाद पूरा इलाका लगभग अलग-थलग पड़ गया है। क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण यहां हर साल अच्छी बारिश होती है, इसलिए लंबे समय से स्थायी पुलिया निर्माण की मांग की जा रही थी। लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और लापरवाही के कारण इस बार भी ग्रामीणों को बरसात में भारी संकट झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी ने समय सीमा के भीतर पुलियों का काम पूरा कर दिया होता तो छह गांवों के लोगों को इस तरह परेशान नहीं होना पड़ता। अब लगातार बढ़ रही मुश्किलों के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
विभाग ने दिया जल्द वैकल्पिक व्यवस्था का भरोसा
मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के संबंधित अधिकारी विकास कौशिक ने बताया कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि पाइप डालकर अस्थायी डायवर्सन तैयार कराया जाएगा, ताकि लोगों की आवाजाही जल्द से जल्द बहाल हो सके। साथ ही निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
