कैंप से गायब, दो दिन बाद मिला शव… BSF जवान कमलेश की मौत की गुत्थी बनी रहस्य
बतौली। असम में तैनात छत्तीसगढ़ के बतौली क्षेत्र के BSF जवान कमलेश केरकेट्टा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार और पूरे इलाके में मातम पसरा है। रात्रिकालीन ड्यूटी से लौटने के बाद कैंप से लापता हुए जवान का शव दो दिन बाद कैंप से करीब एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में मिला। मंगलवार 11 अगस्त को जवान का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम कपाटबहरी लाया गया। यहां BSF के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में परिजन, ग्रामीण और आसपास के लोग मौजूद रहे।
ड्यूटी से लौटे और अचानक हो गए लापता
कमलेश केरकेट्टा वर्ष 2012-13 से BSF में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में उनकी तैनाती असम के डोबरी गांव के किस्तापड़ा स्थित 66वीं बटालियन कैंप में थी।जानकारी के मुताबिक, 6 अगस्त की रात करीब 12 बजे रात्रिकालीन ड्यूटी पूरी करने के बाद कमलेश कैंप लौटे थे। कुछ समय बाद वे अचानक कैंप से लापता हो गए। जवान के नजर नहीं आने पर BSF अधिकारियों ने तत्काल तलाश शुरू की। अगली सुबह करीब 8 बजे कंपनी कमांडर ने उनकी पत्नी ममता केरकेट्टा को फोन कर कमलेश के लापता होने की जानकारी दी और तलाश जारी रहने की बात बताई।
कैंप से एक किलोमीटर दूर मिला शव
लगातार खोजबीन के दौरान 8 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे BSF अधिकारियों को कैंप से लगभग एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद जवान की पत्नी ने अधिकारियों को बताया कि कमलेश के हाथ पर पहचान के लिए एक विशेष काला निशान था। शव के हाथ पर वही निशान मिलने के बाद उसकी पहचान कमलेश केरकेट्टा के रूप में हुई।
मौत की वजह अभी भी बनी हुई है पहेली
जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। BSF स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। परिवार भी इस घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठा रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
मंगलवार सुबह BSF के अधिकारी और जवान कमलेश केरकेट्टा का पार्थिव शरीर लेकर उनके गृहग्राम कपाटबहरी पहुंचे। यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान माहौल गमगीन रहा। अपने जवान को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग भी पहुंचे।
परिवार ने मांगा मौत का सच
कमलेश की पत्नी और परिजनों ने अधिकारियों से जवान की मौत की परिस्थितियों की जानकारी मांगी है। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य जांच के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी। अब परिवार और ग्रामीणों की नजर जांच रिपोर्ट पर है। उनकी मांग है कि कमलेश की मौत की पूरी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच हो और जो भी वास्तविक कारण सामने आए, उसे सार्वजनिक किया जाए। फिलहाल, एक जवान की असमय मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और पूरे बतौली क्षेत्र में शोक का माहौल है।
