आधी रात अध्यक्ष के दरवाजे पर धरना! दल्लीराजहरा में भाजपा की अंदरूनी कलह आई सड़क पर
बालोद। दल्लीराजहरा नगर पालिका में भाजपा के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। नगर पालिका के कामकाज को लेकर उपाध्यक्ष मनोज दुबे और अध्यक्ष तोरण साहू के बीच मतभेद इस कदर बढ़े कि मामला आधी रात को धरने तक पहुंच गया। मनोज दुबे करीब रात 1 बजे अध्यक्ष के घर के बाहर पहुंचे और वहीं विरोध शुरू कर दिया। उनके साथ भाजपा के पांच पार्षद और एक महिला पार्षद के पति भी मौजूद रहे। रातभर चले इस प्रदर्शन ने शहर में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी।
उपाध्यक्ष ने पालिका के कामकाज में कथित कमीशनखोरी और जिला भाजपा संगठन के एक पदाधिकारी के हस्तक्षेप को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, ये आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सुबह पुलिस और भाजपा के अन्य पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
रात के सन्नाटे में अध्यक्ष के घर के बाहर जुटे भाजपा जनप्रतिनिधि
जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे बीती रात करीब 1 बजे अध्यक्ष तोरण साहू के निवास के बाहर पहुंचे। उनके साथ भाजपा के पांच पार्षद भी धरने पर बैठ गए। एक महिला पार्षद के पति की मौजूदगी ने भी इस घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया। पालिका के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर असंतोष जताते हुए उपाध्यक्ष ने रात में ही विरोध का रास्ता चुना।
कमीशनखोरी के आरोप, संगठन के हस्तक्षेप पर भी सवाल
धरने के दौरान मनोज दुबे ने नगर पालिका के कामकाज में कथित कमीशनखोरी का आरोप लगाया। इसके साथ ही जिला भाजपा संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के पालिका के मामलों में कथित दखल को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। इन आरोपों को लेकर अध्यक्ष तोरण साहू का पक्ष सामने आना बाकी है।
रातभर चला प्रदर्शन, सुबह पुलिस और भाजपा पदाधिकारी पहुंचे
अध्यक्ष के घर के बाहर शुरू हुआ धरना रातभर जारी रहा। सुबह स्थानीय पुलिस और भाजपा के अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने उपाध्यक्ष और उनके साथ मौजूद लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। समझाइश के बाद मनोज दुबे और उनके साथ धरने पर बैठे लोग वहां से हट गए।
एक ही पार्टी के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष में तनातनी से बढ़ी चर्चा
दल्लीराजहरा नगर पालिका में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों भाजपा से जुड़े हैं। ऐसे में पार्टी के ही उपाध्यक्ष का अध्यक्ष के निवास के बाहर धरने पर बैठना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। इस घटनाक्रम ने पालिका के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि उठाए गए मुद्दों पर पार्टी और नगर पालिका स्तर पर क्या रुख अपनाया जाता है।
