CG Health Alert: इलाज के लिए तरस रहे मरीज! सांसद ने संसद में खोली AIIMS रायपुर की पोल
रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मुद्दा संसद में गूंजा, जब कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने राज्यसभा में AIIMS रायपुर में डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी का मुद्दा उठाया। शून्यकाल के दौरान उन्होंने अस्पताल की जमीनी हकीकत सामने रखते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
100 से ज्यादा डॉक्टरों के पद खाली
सांसद ने बताया कि एम्स रायपुर में कुल 305 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 190 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। यानी 115 पद अभी भी खाली हैं। सबसे ज्यादा असर कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर पड़ा है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
स्टाफ की भी भारी कमी
सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि नर्सिंग, तकनीकी और प्रशासनिक स्टाफ में भी बड़ा गैप है। कुल 3,884 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 2,387 कर्मचारी ही कार्यरत हैं, जबकि 1,497 पद खाली पड़े हैं। इसका सीधा असर अस्पताल की सेवाओं पर पड़ रहा है।
इलाज में देरी, मरीजों की बढ़ी परेशानी
फूलोदेवी नेताम ने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं। मरीजों को जांच और ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई मामलों में गंभीर मरीजों को बेड न होने के कारण भर्ती तक नहीं किया जा पा रहा। उन्होंने कहा, “समय पर इलाज न मिलना भी इलाज न मिलने के बराबर है”, और यही स्थिति वर्तमान में एम्स रायपुर में देखने को मिल रही है।
संसद से सरकार को मांग
सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि एम्स रायपुर में खाली पदों को जल्द भरा जाए और अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके।
