बिलासपुर SSP रजनेश सिंह का एक्शन: बीट सिस्टम होगा और मजबूत, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर; उत्कृष्ट कार्य करने वाले 18 पुलिसकर्मी होंगे पुरस्कृत
बिलासपुर, 17 अप्रैल 2026। जिले में अपराधों पर नकेल कसने और आम जनता के बीच पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए बिलासपुर पुलिस फुल एक्शन मोड में है। डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह (IPS) ने जिले की 'बीट प्रणाली' (Beat System) को और अधिक धारदार व प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार को एक अहम बैठक ली। बैठक में एसएसपी ने दो टूक निर्देश दिए हैं कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर होनी चाहिए। साथ ही, मैदानी स्तर पर उत्कृष्ट काम करने वाले जवानों का उत्साह बढ़ाते हुए एसएसपी ने उन्हें नकद इनाम से पुरस्कृत करने का भी ऐलान किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी, बीट प्रभारी और बीट स्टाफ सहित 60 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
बीट प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश— इलाके की हर हलचल का रखें इनपुट
एसएसपी रजनेश सिंह ने बैठक में बीट प्रणाली के उद्देश्य और उसके महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एक मजबूत बीट सिस्टम ही अपराध नियंत्रण की सबसे अहम कड़ी है। उन्होंने बीट अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक गतिविधि— चाहे वह आपराधिक हो, सामाजिक, साम्प्रदायिक, राजनीतिक या फिर छात्र व श्रमिकों से जुड़ी हो— उसकी सतत निगरानी रखें। इसके अलावा, क्षेत्र में बाहर से आने वाले नए आगंतुकों और किरायेदारों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी के कड़े निर्देश: इन बिंदुओं पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
बैठक के दौरान बीट ड्यूटी को लेकर एसएसपी ने एक विस्तृत कार्ययोजना साझा की और निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित व सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए:
कम्युनिटी पुलिसिंग: ग्रामों और मोहल्लों में समय-समय पर शिविर लगाकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
जागरूकता अभियान: आम जनता को साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) और नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए लगातार जागरूक किया जाए।
वारंटियों पर एक्शन: लंबित समंस और वारंट की तामीली में तेजी लाई जाए। स्थाई वारंटियों की तलाश कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए।
अवैध कारोबार पर नकेल: क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की सूचना मिलने पर बिना किसी देरी के त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए।
गुंडे-बदमाशों की चेकिंग: इलाके के गुंडे-बदमाशों और निगरानीशुदा अपराधियों की नियमित रूप से चेकिंग कर उन पर दबाव बनाए रखा जाए।
चोरों की पतासाजी: चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने और आरोपियों की धरपकड़ के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया जाए। पुलिस रेगुलेशन के अनुसार ही व्यवस्थित कार्यप्रणाली अपनाई जाए।
शानदार काम करने वाले 18 पुलिसकर्मी होंगे पुरस्कृत
बैठक में केवल निर्देश ही नहीं दिए गए, बल्कि बीट अधिकारियों के कामकाज की गहन समीक्षा भी की गई। इस दौरान मैदानी स्तर पर शानदार कार्य करने वाले 17 आरक्षक और 1 प्रधान आरक्षक के प्रयासों की एसएसपी ने जमकर सराहना की।
उत्कृष्ट कार्य के लिए जिन पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है, उनमें आरक्षक दुर्गेश प्रजापति, सोनू पाल, विवेक राय, संजू जांगड़े, नितेश सिंह, सत्य कुमार पाटले, मनीष वाल्मीकि, शिव कुर्रे, पवन बंजारे, सज्जू अली, राहुल जगत, रंजीत खरे, देवेंद्र शर्मा, बोधुराम कुम्हार, विकास यादव, मिथलेश साहू, विनोद शास्त्री और प्रधान आरक्षक नवीन कुमार शामिल हैं।
