नायब तहसीलदार से कथित मारपीट पर उबाल, कर्मचारी संगठनों की दो टूक, अधिकारियों की सुरक्षा नहीं हुई तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन
अंबिकापुर। सरगुजा जिले में नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट कहा है कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई गईं और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
फेडरेशन का कहना है कि शासकीय कर्मचारी और अधिकारी शासन तथा आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके साथ अभद्र व्यवहार, दबाव, धमकी या हिंसा जैसी घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करती हैं और कर्मचारियों का मनोबल गिराती हैं।
मामला सरगुजा जिले के राजापुर उप तहसील कार्यालय से जुड़ा है, जहां जमीन संबंधी एक प्रकरण को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। विवाद के बाद कथित रूप से नायब तहसीलदार और कुछ लोगों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में गंभीर आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई।
नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जबकि दूसरे पक्ष ने भी अपनी शिकायत पुलिस को सौंपी है। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जिला प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर कर्मचारी संगठनों ने कहा है कि सरकारी अधिकारियों की गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो राज्यभर में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किया जा सकता है।
