कोरबा कलेक्टर पर बड़ा सस्पेंस: 54 दिन चली जांच की रिपोर्ट शासन को मिली, पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं?

कोरबा कलेक्टर पर बड़ा सस्पेंस: 54 दिन चली जांच की रिपोर्ट शासन को मिली, पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं?

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर और कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर तेज ठंड में तापमान को बढ़ा रहा है। महीनों से खींचे जा रहे इस मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है, क्योंकि कलेक्टर के खिलाफ की गई शिकायत पर बिलासपुर कमिश्नर की जाँच पूरी हो चुकी है। कमिश्नर सुनील कुमार जैन ने यह रिपोर्ट राज्य शासन को सौंप दी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि रिपोर्ट मिलने के बाद भी शासन ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है।

RTI से रिपोर्ट माँगेंगे ननकीराम

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा कलेक्टर अजीत वसंत के कार्यों को लेकर 14 बिंदुओं पर गंभीर शिकायत की गई थी। इस शिकायत पर कमिश्नर ने 54 दिनों तक जाँच की और अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने कहा कि उन्हें अभी तक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। अब वह RTI के माध्यम से इस जाँच रिपोर्ट की प्रतियाँ हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें यह जानने की बेचैनी है कि उनकी शिकायत में कितनी सच्चाई निकली।

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शिकायत और जाँच का सफर

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गौरतलब है कि पूर्व मंत्री कंवर ने 21 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कलेक्टर अजीत वसंत के खिलाफ 14 बिंदुओं की शिकायत दी थी। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे जाँच के लिए भेजा। सामान्य प्रशासन विभाग ने 1 अक्टूबर 2025 को जाँच की जिम्मेदारी बिलासपुर कमिश्नर सुनील कुमार जैन को सौंपी थी।

54 दिनों की जाँच के बाद रिपोर्ट शासन को तो मिल गई है, लेकिन इसकी जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

 ननकीराम कंवर का कहना है कि जब तक वह रिपोर्ट नहीं देख लेते, तब तक निष्कर्ष बताना मुश्किल है। दूसरी ओर, कमिश्नर कार्यालय ने भी रिपोर्ट को लेकर होठों पर ताला लगा रखा है और किसी भी प्रकार की जानकारी साझा नहीं की है। अब सबकी निगाहें राज्य शासन पर टिकी हैं कि वह इस अहम रिपोर्ट पर आगे क्या फैसला लेता है, या फिर इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

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