पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर कोर्ट में पूरी हुई बहस, अब लिखित जवाब पेश करने का निर्देश

बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत अर्जी पर सोमवार को हाईकोर्ट में जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की अदालत में ज़ोरदार बहस हुई। याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि मामले के ट्रायल में काफी देरी हो रही है, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए। साथ ही, यह भी तर्क दिया गया कि कथित शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की कोई भूमिका नहीं है। कोर्ट को बताया गया कि यह पूरा मामला 4 अक्टूबर 2025 के एक बयान के आधार पर दर्ज किया गया था।

बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में साफ किया कि चैतन्य बघेल के खाते में 2 करोड़ रुपए के लेनदेन की बात कही गई है, लेकिन कहीं भी यह साबित नहीं होता कि यह पैसा शराब घोटाले से जुड़ा हुआ है। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने याचिका लगाने वाले और मामले के विरोधी पक्ष को निर्देश दिया है कि वे अब अपना लिखित जवाब (रिटर्न समिसन) अदालत में पेश करें।

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मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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