Ayodhya Ram Mandir Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया मोड़, SIT की अंतरिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस संवेदनशील प्रकरण की अंतरिम जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किए जाने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभी और पड़ताल बाकी है, इसलिए एसआईटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय भी मांगा है। हालांकि, इस संबंध में एसआईटी या उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच में वित्तीय प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे की गिनती, उसके रिकॉर्ड, जमा प्रक्रिया और सुरक्षा प्रबंधन की विस्तार से जांच कर रही हैं। इस दौरान यह भी देखा जा रहा है कि कहीं निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करने में कोई चूक तो नहीं हुई। बताया जा रहा है कि जांच का एक अहम हिस्सा स्ट्रॉन्ग रूम, दान गणना कक्ष और वहां लागू सुरक्षा व्यवस्था से भी जुड़ा है। जांच एजेंसियां उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
सीसीटीवी और दस्तावेजों की हो रही फोरेंसिक जांच
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, नकदी हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक और कानूनी परीक्षण किया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों से जारी है पूछताछ
इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों, जिनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और अनुकल्प मिश्रा शामिल हैं, से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित तौर पर चोरी की गई राशि का इस्तेमाल कहां और किस प्रकार किया गया तथा क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियां आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड की मांग भी कर सकती हैं, ताकि वित्तीय लेन-देन और संभावित नेटवर्क की गहराई से जांच की जा सके।
कई और लोगों की भूमिका की भी पड़ताल
जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। एसआईटी उन सभी व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनका संबंध चढ़ावे की गिनती, नकदी के सुरक्षित रखरखाव, बैंकिंग प्रक्रिया या प्रशासनिक प्रबंधन से रहा है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट के बाद आगे की दिशा होगी स्पष्ट
सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद मामले की जांच की आगे की दिशा और संभावित कानूनी प्रक्रिया अधिक स्पष्ट हो सकती है। वहीं अंतिम जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, एसआईटी मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष तय किया जाएगा।
