स्वतंत्रता और एकता को अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाकर ही राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है: प्रधानमंत्री
राष्ट्रीय जगत विजन। 77 वां के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत की स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक शक्तिशाली प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह अवसर राष्ट्र को नई ऊर्जा और प्रेरणा से भर देता है, ताकि हम एक साथ मिलकर राष्ट्र-निर्माण की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक संस्कृत सुभाषितम साझा कर x में लिखा कि
“पारतन्त्र्याभिभूतस्य देशस्याभ्युदयः कुतः। अतः स्वातन्त्र्यमाप्तव्यमैक्यं स्वातन्त्र्यसाधनम्॥”
सुभाषितम कहता है कि एक राष्ट्र जो निर्भर है या अधिकार से वंचित है, वह प्रगति नहीं कर सकता। इसलिए, केवल स्वतंत्रता और एकता को अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाकर ही राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है।
Edited By: मनीशंकर पांडेय
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