होर्मुज से भारत के लिए आई बड़ी खुशखबरी, शांति समझौते के बाद पहला LNG टैंकर पहुंचा गुजरात
भरूच। अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए गुजरने वाला पहला LNG टैंकर ‘दिशा’ सुरक्षित रूप से गुजरात के दहेज बंदरगाह पहुंच गया है। इस जहाज के भारत पहुंचने को ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से क्षेत्रीय तनाव के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित था।
टैंकर ‘दिशा’ करीब 62,370 मीट्रिक टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) लेकर दहेज पोर्ट पहुंचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस खेप के आने से घरेलू गैस आपूर्ति को मजबूती मिलेगी और ऊर्जा बाजार में स्थिरता बढ़ेगी। साथ ही उद्योगों और गैस आधारित क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार यह जहाज मार्च की शुरुआत से कतर के रास लाफान बंदरगाह पर रुका हुआ था। क्षेत्र में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आवागमन प्रभावित होने के कारण इसकी यात्रा अनिश्चित हो गई थी। हालात सामान्य होने और शांति समझौते के बाद जहाज ने अपनी यात्रा फिर शुरू की और सफलतापूर्वक भारतीय तट तक पहुंच गया।
ऊर्जा विशेषज्ञ इस घटनाक्रम को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। होर्मुज मार्ग से LNG परिवहन दोबारा शुरू होने से भारत समेत कई एशियाई देशों को राहत मिल सकती है। आने वाले दिनों में इस समुद्री मार्ग से ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
