रायपुर में छात्र राजनीति का बड़ा शक्ति प्रदर्शन: छात्रसंघ चुनाव की मांग पर NSUI का CM हाउस घेराव, BJP-कांग्रेस में बयानबाजी तेज
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। National Students' Union of India ने छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर आज मुख्यमंत्री निवास घेराव का ऐलान किया है। शाम 4 बजे प्रस्तावित इस प्रदर्शन को लेकर छात्र राजनीति से जुड़े संगठनों और नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
इस मुद्दे पर दिलचस्प बात यह रही कि भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने छात्रसंघ चुनाव को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी बताया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव युवा नेतृत्व तैयार करने की पहली पाठशाला होते हैं। उनके मुताबिक कॉलेज और विश्वविद्यालयों में चुनाव होने से युवाओं को संगठन, प्रशासन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान चुनाव कराने की तैयारी थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
वहीं भाजपा नेताओं ने भी छात्रसंघ चुनाव के समर्थन में अपनी राय रखी, लेकिन कांग्रेस पर सवाल उठाने से नहीं चूके। भाजपा नेता मृत्युंजय दुबे ने कहा कि जब देश का युवा सांसद और मुख्यमंत्री चुन सकता है, तो उसे अपने कॉलेज में प्रतिनिधि चुनने का अधिकार भी मिलना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी पूछा कि कांग्रेस सरकार के दौरान NSUI ने इस मुद्दे पर ज्यादा दबाव क्यों नहीं बनाया।
युवा नेताओं के बीच भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। पूर्व छात्र नेता और भाजपा से जुड़े प्रखर मिश्रा ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव गरीब और मध्यमवर्गीय युवाओं को राजनीति में आने का मंच देते हैं, लेकिन उन्होंने NSUI पर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर NSUI जिलाध्यक्ष शांतनु झा ने पलटवार करते हुए कहा कि महामारी के दौर में स्वास्थ्य प्राथमिकता थी और परिस्थितियां सामान्य होते ही चुनाव कराने की तैयारी की जा रही थी।
छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा अब सिर्फ कैंपस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रदेश की मुख्यधारा राजनीति का हिस्सा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस आंदोलन का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है, क्योंकि छात्र संगठन इसे युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
