IPS डांगी मामले में हाई कोर्ट सख्त, जांच बदलने की मांग पर तलब जवाब
बिलासपुर : आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े मामले में पीड़िता की याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है । जस्टिस ए के प्रसाद की सिंगल बेंच ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय को नोटिस जारी किया है । कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की है ।
जांच अधिकारियों की नियुक्ति पर ही सवाल
पीड़िता ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की है । याचिका में मौजूदा जांच अधिकारियों को बदलकर किसी वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है । पीड़िता का दावा है कि मामले की जांच के लिए नियुक्त दोनों आईपीएस अधिकारियों को इस मामले की जांच करने की अधिकारिता नहीं है ।
समान रैंक के अधिकारी को जांच सौंपने पर आपत्ति
याचिका में बताया गया है कि तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा को मामले का जांच अधिकारी बनाया गया था । पीड़िता ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि आनंद छाबड़ा और आईपीएस रतनलाल डांगी समान रैंक के अधिकारी हैं । ऐसे में उनके द्वारा मामले की जांच कराया जाना उचित नहीं है । याचिका में आनंद छाबड़ा के खिलाफ महादेव सट्टा एप से संबंधित आपराधिक प्रकरण लंबित होने का भी उल्लेख किया गया है । पीड़िता ने कहा है कि ऐसी स्थिति में वह उनके द्वारा मामले की जांच नहीं चाहती ।
डीआईजी स्तर की अधिकारी की जांच पर भी उठाए सवाल
पीड़िता ने तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे की जांच भूमिका पर भी सवाल उठाया है । याचिका के अनुसार, मिलना कुर्रे डीआईजी पद पर थीं, जबकि आईपीएस रतनलाल डांगी उनसे वरिष्ठ रैंक के अधिकारी हैं । इसी आधार पर पीड़िता ने उनकी ओर से की गई जांच पर भी आपत्ति दर्ज कराई है ।
आईएएस अधिकारी से जांच कराने की मांग
पीड़िता ने हाई कोर्ट से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और विशेष रूप से महिला आईएएस अधिकारी से कराई जाए । याचिका में कहा गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच किसी ऐसे अधिकारी से होनी चाहिए, जो वर्तमान जांच अधिकारियों से अलग और वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर का हो ।
निलंबन नहीं होने पर भी सवाल
याचिका में यह भी कहा गया है कि आईपीएस रतनलाल डांगी पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बावजूद राज्य शासन की ओर से उन्हें सेवा से निलंबित नहीं किया गया है । पीड़िता ने इस मामले में भी शासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं ।
राजस्थान और छत्तीसगढ़ की संपत्तियों की जांच की मांग
पीड़िता ने केवल शिकायत की जांच तक मामला सीमित नहीं रखने की मांग की है । याचिका में आईपीएस रतनलाल डांगी की छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कथित अवैध संपत्तियों की जांच कराने की मांग भी की गई है । साथ ही जांच में आरोप सही पाए जाने पर सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है ।
अब 31 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने फिलहाल याचिका पर राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय का पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी किया है । गृह सचिव और पीएचक्यू को जवाब पेश करने का निर्देश दिया गया है । अब इस मामले में 31 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर सरकार के जवाब से आगे की तस्वीर साफ होगी ।
