छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर केंद्र की मुहर, मिले 3 नए जज; जानें जजों का प्रोफाइल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबे समय से चल रही जजों की कमी अब कुछ कम होने वाली है। मंगलवार को केंद्र सरकार ने तीन ज्यूडिशियल अफसरों को हाईकोर्ट के जज के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त 2026 को जिन नामों का प्रस्ताव दिया था, उन पर सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है। इन नए जजों में संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार का नाम शामिल है।
भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय (नियुक्ति प्रभाग) ने 8 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना निकाल दी है। जिस दिन ये तीनों अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे, उसी तारीख से यह नियुक्ति लागू मानी जाएगी।
जजों का आंकड़ा पहुंचा 14 तक
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जजों के कुल 22 पद स्वीकृत हैं। अब तक केवल 11 जजों के सहारे ही मुकदमों की सुनवाई चल रही थी। इन तीन नई नियुक्तियों के बाद काम का बोझ थोड़ा घटेगा और जजों की संख्या बढ़कर 14 हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बेंच कोटे से इन तीनों ज्यूडिशियल अधिकारियों को जज बनाने की सिफारिश भेजी थी।
नए जजों का ग्राउंड प्रोफाइल:
सुषमा सावंत
न्यायिक सेवा में काफी अनुभवी सुषमा सावंत ने बिलासपुर, महासमुंद और राजनांदगांव में जिला एवं सत्र न्यायाधीश का पद संभाला है। वे बिलासपुर फैमिली कोर्ट की प्रधान न्यायाधीश और राज्य न्यायिक अकादमी की निदेशक भी रही हैं। राज्य सरकार के विधि और विधायी कार्य विभाग में अतिरिक्त सचिव का काम देखने के बाद वर्तमान में वे इसी विभाग में प्रधान सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
सुधीर कुमार
बीए और एलएलबी की पढ़ाई करने वाले सुधीर कुमार ने रायपुर के फैमिली कोर्ट और विशेष न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश की जिम्मेदारी निभाई है। विजिलेंस, अनुशासन और न्यायिक प्रशासन के कामकाज में उनकी अच्छी पकड़ है। सुधीर कुमार ने कोरबा, बिलासपुर, जशपुर, महासमुंद, दंतेवाड़ा, धमतरी और दुर्ग जिलों में काम किया है। उन्होंने लोक सेवा आयोग और हाईकोर्ट प्रशासन को कानूनी सलाह देने के साथ-साथ न्यायिक अकादमी में ट्रेनिंग से जुड़े काम भी किए हैं।
संतोष शर्मा
मूल रूप से मध्य प्रदेश के सीहोर के रहने वाले संतोष शर्मा ने 19 मार्च 2009 को सीधे उच्च न्यायिक सेवा जॉइन की थी। वे इस वक्त कोरबा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर काम कर रहे हैं। बीएससी, एमएससी (जूलॉजी), एलएलबी और समाजशास्त्र में एमए करने वाले शर्मा के पास 16 साल से अधिक का न्यायिक अनुभव है। उन्होंने जगदलपुर, अंबिकापुर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, रायपुर और सूरजपुर में अलग-अलग पदों पर काम किया है। अंबिकापुर में वे SC/ST एक्ट के विशेष न्यायाधीश रहे। इसके अलावा बिलासपुर हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (विजिलेंस) और रजिस्ट्रार (S&A) का कामकाज भी संभाल चुके हैं।
