ट्रेलर के पहियों के नीचे आई महिला, पति और मां गंभीर रूप से घायल, चालक वाहन समेत फरार
बिलासपुर : सीपत-बलौदा मुख्य मार्ग पर रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की मौत हो गई। ग्राम कुली के पास तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे। इस दौरान महिला ट्रेलर के पहियों के नीचे आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान सुमित्रा बाई के रूप में हुई है। हादसे में उसका पति सतीराम गोंड़ (45) और मां दुरपति गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। आसपास के लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
फैक्ट्री में ड्यूटी छोड़ने निकला था परिवार
बताया गया कि मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के पोड़की निवासी सतीराम गोंड़ मजदूरी करता है और फिलहाल बिलासपुर के तालापारा क्षेत्र में रहता है। रविवार रात करीब 8 बजे वह अपनी पत्नी सुमित्रा बाई और सास दुरपति को बाइक से ग्राम कुकदा स्थित एक फैक्ट्री में ड्यूटी छोड़ने जा रहा था। तीनों अभी ग्राम कुली में पवन साहू के मकान के पास मुख्य सड़क पर पहुंचे ही थे कि बलौदा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। अचानक हुए इस हादसे में किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। टक्कर के बाद बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों सड़क पर जा गिरे। सुमित्रा बाई ट्रेलर की चपेट में आ गई।
अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला चालक
घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसा रात के समय होने के कारण चालक ने अंधेरे का फायदा उठाया और ट्रेलर लेकर मौके से फरार हो गया। आसपास के ग्रामीणों ने घायलों को सड़क से उठाकर अस्पताल लेकर गये। सतीराम की कमर और हाथ में फ्रैक्चर बताया जा रहा है, जबकि दुरपति के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात वाहन के खिलाफ धारा 106(1), 125(ए) और 281 बीएनएस के तहद अपराध दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी। फरार ट्रेलर चालक और वाहन की तलाश की जा रही है।
सड़क की बदहाली पर ग्रामीणों का गुस्सा
हादसे के बाद ग्रामीणों में सड़क की स्थिति को लेकर नाराजगी भी सामने आई। उनका कहना है कि सीपत से बलौदा के बीच सड़क कई जगह से खराब हो चुकी है। जगह-जगह बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है। इसके बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है। ग्रामीणों के मुताबिक इस मार्ग से कोल वाशरी और औद्योगिक इकाइयों के कारण रोज बड़ी संख्या में हाइवा और ट्रेलर गुजरते हैं। भारी वाहनों की रफ्तार पर प्रभावी निगरानी नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत और यातायात व्यवस्था को लेकर कई बार संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
रफ्तार पर रोक और सुरक्षा इंतजाम की मांग
ग्रामीणों ने आबादी वाले हिस्सों में स्पीड ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप लगाने, वाहनों की अधिकतम गति दर्शाने वाले बोर्ड लगाने तथा भारी वाहनों की नियमित जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की मरम्मत के साथ यदि तेज रफ्तार वाहनों पर भी अंकुश लगाया जाए तो इस मार्ग पर होने वाले हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। पुलिस फिलहाल फरार ट्रेलर चालक का पता लगाने में जुटी है।
