दो बड़ी टेक कंपनियों की दोस्ती में आई दरार , ChatGPT पर APPLE ने ठोका मुकदमा
डेस्क : विश्व की दो बड़ी टेक कंपनियों की दोस्ती में दरार देखने को मिल रही हैं । एप्पल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दिग्गज कंपनी ओपनएआई के खिलाफ बड़ा मुकदमा दायर कर दिया है। ओपनएआई पर आरोप है कि उसने आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल के बेहद गोपनीय ट्रेड सीक्रेट्स को चुराने के लिए सुनियोजित अभियान चला रही है। यह मुकदमा कैलिफोर्निया के सैन जोस स्थित एक फेडरल कोर्ट में दायर किया गया है। इस केस से दोनों कंपनियों की दोस्ती में दरार आ गई हैं l इन्होंने 2024 में एप्पल के प्रोडक्ट्स में चैटजीपीटी को शामिल करने के लिए हाथ मिलाया था।
विश्वसनीय सहयोगी रहे एप्पल और ओपनएआई के रिश्ते ख़राब होने लगे हैं। जहाँ एप्पल ने सीक्रेट्स चोरी का मुकदमा किया है तो वहीं मई में यह रिपोर्ट आई थी कि ओपनएआई खुद एप्पल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा। ओपनएआई का आरोप था कि एप्पल ने अपने डिवाइसों में चैटजीपीटी के इंटीग्रेशन को ठीक से प्रमोट नहीं किया। अब एप्पल ने 41 पन्नों के शिकायत पत्र में ओपनएआई के चीफ हार्डवेयर ऑफिसर से टेक्निकल स्टाफ तक पर एप्पल की खुफिया जानकारी और सीक्रेट्स को निकालने का गंभीर इल्ज़ाम लगा दिया है।
एप्पल ने शिकायत में दावा किया है कि ओपनएआई ने उसके 400 पूर्व कर्मचारियों को अपने साथ जोड़ा है। इस पूरे खेल के पीछे एप्पल के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट टैंग यू तान का हाथ बताया जा रहा, जो अब ओपनएआई के चीफ हार्डवेयर ऑफिसर हैं। तान ने ओपनएआई के जॉब इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से एप्पल के बिना लॉन्च हुए प्रोडक्ट्स के गुप्त कोडनेम का इस्तेमाल किया। इंटरव्यू देने आने वाले एप्पल के कर्मचारियों से शो एंड टेल सेशन के नाम पर फिजिकल कंपोनेंट्स जैसे- सर्किट बोर्ड और बैटरियां तक साथ लाने को कहा गया, जिससे वो उनके सीक्रेट्स को समझ सके।
इस मुकदमे के कारण ओपनएआई को आगे कई कठिनियो का सामना करना पढ़ सकता हैं l 2 बिलियन की वैल्यूएशन वाली यह कंपनी बाजार में आईपीओ लाने की तैयारी में थी। निवेशकों से 0 बिलियन से ज्यादा जुटाने वाली ओपनएआई के लिए कंज्यूमर हार्डवेयर मार्केट में कदम रखना ग्रोथ का बहुत बड़ा मौका था। उस मौके पर अब एप्पल ने ब्रेक लगाया है। एप्पल ने कोर्ट से मुआवजे की मांग की है। साथ ही ओपनएआई पर उसकी गोपनीय जानकारियों के इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से रोक लगाने की अपील की है।
एप्पल ने पूरे मामले को सिर्फ आइसबर्ग की नोक यानी बड़ी साजिश की छोटी-सी शुरुआत बताया है। एप्पल का कहना है कि ओपनएआई का नया हार्डवेयर बिजनेस अवैध रूप से चुराए गए सीक्रेट्स की खोखली बुनियाद पर टिका है। दूसरी ओर ओपनएआई के प्रवक्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी कंपनी को दूसरी कंपनी के ट्रेड सीक्रेट्स में कोई दिलचस्पी नहीं है। ओपनएआई का ध्यान सिर्फ ऐसी इनोवेटिव टेक्नोलॉजी बनाने पर है, जो दुनिया के लोगों को सशक्त बना सके।
