महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने के बड़े कारण क्या हैं? कैसे करें बचाव

महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने के बड़े कारण क्या हैं? कैसे करें बचाव

आज के समय में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले चिंता का कारण बने हुए हैं. यह एक गंभीर बीमारी है, जो यूटरस के निचले हिस्से यानी सर्विक्स में विकसित होती है. कई बार शुरुआती चरण में इसके लक्षण साफतौर पर दिखाई नहीं देते, इसलिए महिलाएं लंबे समय तक इससे अनजान रहती हैं. हालांकि कुछ संकेत ऐसे होते हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी होता है. असामान्य ब्लीडिंग, पीरियड्स के बीच में खून आना, इंटरकोर्स के बाद ब्लीडिंग, पेल्विक एरिया में दर्द या असामान्य डिस्चार्ज जैसे लक्षण इसके संकेत हो सकते हैं.

अगर इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो इलाज आसान हो सकता है. स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स के अनुसार, जागरूकता और समय पर जांच इस बीमारी से बचाव में अहम भूमिका निभाती है. इसलिए महिलाओं के लिए यह समझना जरूरी है कि सर्वाइकल कैंसर के कारण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है, ताकि समय पर सावधानी बरती जा सके.

सर्वाइकल कैंसर होने के बड़े कारण क्या हैं?
डॉ. बताती हैं कि सर्वाइकल कैंसर के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सबसे प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण माना जाता है. यह वायरस इंटरकोर्स संपर्क के जरिए फैल सकता है और लंबे समय तक शरीर में रहने पर सर्विक्स के सेल्स को प्रभावित कर सकता है. इसके अलावा, कम उम्र में यौन संबंध बनाना, कई पार्टनर्स होना और सुरक्षित संबंध न बनाना भी जोखिम बढ़ा सकते हैं.

Read More Weather Change and Dandruff: मौसम बदलते ही सिर में खुजली और डैंड्रफ क्यों बढ़ने लगते हैं? जानें एक्सपर्ट की राय

धूम्रपान की आदत भी सर्वाइकल कैंसर के खतरे को बढ़ाने से जुड़ी मानी जाती है. कमजोर इम्यून सिस्टम होने पर शरीर संक्रमण से सही तरीके से लड़ नहीं पाता, जिससे यह जोखिम और बढ़ सकता है. लंबे समय तक ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का इस्तेमाल भी कुछ मामलों में जोखिम से जुड़ा माना जाता है. इसके अलावा, नियमित हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग की कमी के कारण भी कई बार यह बीमारी देर से पता चलती है.

Read More देर रात तक जागने की आदत पड़ सकती है भारी! भूख, हार्मोन और ब्लड शुगर पर कैसे पड़ता है असर?

किसको ज्यादा खतरा?
कुछ महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा ज्यादा हो सकता है. जिन महिलाओं को लंबे समय तक HPV संक्रमण रहता है, उनमें इसका जोखिम बढ़ जाता है. कम उम्र में यौन जीवन शुरू करने वाली महिलाओं में भी खतरा ज्यादा माना जाता है. जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, जैसे किसी गंभीर बीमारी या इलाज के कारण, उनमें भी यह जोखिम बढ़ सकता है. इसके अलावा, धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भी सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना अधिक हो सकती है. जिन महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच या सर्वाइकल स्क्रीनिंग नहीं होती, उनमें भी इस बीमारी का पता देर से चलने का खतरा रहता है.

कैसे करें बचाव?
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता और नियमित जांच बेहद जरूरी है. HPV वैक्सीन इस बीमारी से बचाव में मददगार मानी जाती है. सुरक्षित यौन संबंध बनाना और एक ही पार्टनर के साथ संबंध रखना भी जोखिम को कम कर सकता है. धूम्रपान से दूरी बनाना और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाना भी फायदेमंद है. समय-समय पर पैप स्मीयर टेस्ट या डॉक्टर की सलाह से सर्वाइकल स्क्रीनिंग करवाना चाहिए, जिससे बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सके. संतुलित डाइट और मजबूत इम्यून सिस्टम भी शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं.

Tags:

Latest News

NHM भर्ती घोटाला: इस्तीफे के 1 साल बाद उसी पद पर गुपचुप' नियुक्ति; न विज्ञापन निकला, न इंटरव्यू  NHM भर्ती घोटाला: इस्तीफे के 1 साल बाद उसी पद पर गुपचुप' नियुक्ति; न विज्ञापन निकला, न इंटरव्यू 
देर रात तक जागने की आदत पड़ सकती है भारी! भूख, हार्मोन और ब्लड शुगर पर कैसे पड़ता है असर?
हे राम ! जल संसाधन विभाग में भ्रष्टाचार की बाढ़: करोड़ों के घोटालेबाजों को सत्ता का खुला संरक्षण, दागी अफसरों को मलाईदार कुर्सियों का 'इनाम'
Budh Vakri 2026: 24 अक्टूबर से बुध की उल्टी चाल, इन 4 राशियों को मिल सकते हैं करियर और धन के नए अवसर!
Anjali Arora Controversy: ‘कच्चा बादाम से दिक्कत नहीं, अपनी सुरक्षा की चिंता थी’, कानपुर इवेंट पर अंजलि ने तोड़ी चुप्पी
कहीं रावण की पूजा, तो कहीं दहन से परहेज, भारत में दशहरे की ये परंपराएं हैं बेहद अनोखी
Raipur Fire: उरला की टायर फैक्ट्री में भीषण आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार; दमकल की टीमें मौके पर
Tiger Shroff Firing: मुंबई फायरिंग केस में अनिल पंडित का नाम क्यों उछला? सोशल मीडिया दावे से लेकर पुलिस जांच तक जानिए
Chhattisgarh News: 8 साल पहले चोरी किए हीरे बेचने निकला आरोपी! धमतरी पुलिस ने 146 पत्थरों के साथ किया गिरफ्तार
ईयरफोन में खोया रहा, नहीं सुन पाया मौत का हॉर्न, 13 साल के अमन की मौत से घर में पसरा मातम
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल, जल संसाधन विभाग के 12 अधीक्षण अभियंताओं का तबादला
‘आज चुनाव हुए तो इनोवा में भागेंगे विधायक’, भूपेश बघेल का सरकार पर तीखा हमला, धरमलाल का पलटवार