एनएच-45 बना मौत का हाईवे : 30 किलोमीटर में चार बड़े हादसे, चार लोग गंभीर घायल
बिलासपुर : पेंड्रा-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-45) की खस्ताहाल सड़कें अब लोगों के लिए खतरे की घंटी बन चुकी हैं। मरम्मत के अभाव में सड़क पर बने गहरे गड्ढे हर दिन दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण महज 30 किलोमीटर के दायरे में हुए चार बड़े हादसे हैं, जिनमें दो ट्रक चालक और दो क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ा हादसा बंजारी घाट के पास हुआ, जहां गहरे गड्ढों और जर्जर सड़क के कारण कोयले से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। दुर्घटना में ट्रक चालक और क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
इसके अलावा, इसी मार्ग पर सड़क की बदहाली के चलते तीन अन्य भारी वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त हो गए। कहीं वाहन गहरे गड्ढों में फंस गए तो कहीं कच्ची और धंसी सड़क के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया।
रोज बना रहता है हादसे का खतरा, चालकों में बढ़ रहा आक्रोश
एनएच-45 की जर्जर हालत को लेकर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों और उखड़ी सतह के कारण हर सफर जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर भारी वाहनों के चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं, खराब हो रहे हैं और दुर्घटनाओं का शिकार बन रहे हैं।
वाहन चालकों का आरोप है कि कई बार शिकायत और मांग के बावजूद सड़क की मरम्मत के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही एनएच-45 की मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में और भी गंभीर सड़क हादसे हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
