Snake Bite Death अब सिर्फ हादसा नहीं मानी जाएगी! मेरठ के चर्चित केस के बाद पुलिस ने बदला जांच का तरीका
नई दिल्ली। सांप के डसने से होने वाली मौतों को अब केवल प्राकृतिक हादसा मानकर फाइल बंद नहीं किया जाएगा। हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित अतुल पंवार हत्याकांड और बहसूमा के अमित कश्यप प्रकरण ने पुलिस की जांच प्रणाली पर नया सवाल खड़ा किया है। इन मामलों के सामने आने के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब Snake Bite Death के हर मामले में परिस्थितियों का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा और अगर किसी प्रकार का संदेह हुआ तो हत्या के एंगल से भी जांच की जाएगी।
अब हर संदिग्ध Snake Bite Death की होगी गहन जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मामलों में सांप के डसने से मौत वास्तविक होती है, लेकिन यदि घटनास्थल की परिस्थितियां, गवाहों के बयान या उपलब्ध साक्ष्य किसी साजिश की ओर इशारा करते हैं, तो मामले को सामान्य दुर्घटना मानकर बंद नहीं किया जाएगा। एसपी सूरज राय ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था केवल Snake Bite Death तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर संदिग्ध मौत की जांच कानून के अनुसार करती है। यदि प्रथम दृष्टया कोई तथ्य संदिग्ध प्रतीत होता है, तो वैज्ञानिक साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी जांच और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की जाती है। उनका कहना है कि यदि किसी अपराध को दुर्घटना का रूप देकर छिपाने की कोशिश की गई है, तो उसे उजागर करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मेरठ केस ने बदल दी जांच की सोच
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मेरठ के चर्चित मामले ने यह साबित कर दिया कि हर Snake Bite Death को केवल प्राकृतिक घटना मान लेना जांच के लिहाज से सही नहीं है। अब यदि किसी मामले में घटनास्थल पर विरोधाभास मिले, मृतक की परिस्थितियां संदिग्ध हों या परिजनों और गवाहों के बयान मेल न खाएं, तो पुलिस विस्तृत जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल, फॉरेंसिक रिपोर्ट और आर्थिक पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
क्या था मेरठ का चर्चित अतुल हत्याकांड?
पुलिस के अनुसार, मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र के भंडोरा गांव निवासी 35 वर्षीय अतुल पंवार अपनी पत्नी दामिनी के साथ एक निजी स्कूल संचालित करते थे। वर्ष 2019 में दोनों ने प्रेम विवाह किया था। एक सुबह दामिनी ने पति को सांप के काटने की बात कहकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कमरे में बिस्तर के पास सांप मिलने के कारण शुरुआती तौर पर इसे Snake Bite Death माना गया, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस को जांच आगे बढ़ाने के लिए मजबूर किया।
कॉल डिटेल से खुला हत्या का राज
जांच के दौरान पुलिस ने दामिनी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसमें स्कूल के ड्राइवर तुषार उर्फ निक्की से उसके लगातार संपर्क सामने आए। पूछताछ में पुलिस का दावा है कि तुषार और दामिनी के बीच प्रेम संबंध थे और दोनों ने अतुल की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत अतुल को पहले दूध में अधिक मात्रा में नींद की गोलियां दी गईं। जब वह गहरी नींद में चला गया, तब कथित रूप से दो अन्य सहयोगियों की मदद से कमरे में जहरीला सांप छोड़ा गया, जिसने अतुल को डस लिया। आरोप है कि पूरी घटना को प्राकृतिक Snake Bite Death का रूप देने की कोशिश की गई।
बीमा राशि भी बनी जांच का अहम पहलू
जांच में यह भी सामने आया कि अतुल के नाम करीब 20 लाख रुपये का बीमा था। पुलिस का दावा है कि बीमा की रकम मिलने के बाद साजिश में शामिल अन्य आरोपियों को हिस्सा देने की योजना बनाई गई थी। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि घटना से करीब 20 दिन पहले अतुल को सड़क हादसे का रूप देकर मारने की कथित कोशिश की गई थी, लेकिन हेलमेट पहनने के कारण वह बच गया था।
अब हादसा नहीं, हर एंगल से होगी जांच
मेरठ के इस मामले के बाद पुलिस का रुख पहले से अधिक सतर्क हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यदि किसी Snake Bite Death के पीछे असामान्य परिस्थितियां सामने आती हैं, तो जांच केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी। फॉरेंसिक, डिजिटल, आर्थिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की जांच की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित हत्या या आपराधिक साजिश को दुर्घटना बताकर छिपाया न जा सके।
