बिस्तर पर जाते ही उड़ जाती है नींद? एक्सपर्ट्स की ये आसान ट्रिक्स दिला सकती हैं सुकून भरी नींद
Tips for Better Sleep: रात में देर तक करवटें बदलना, बार-बार नींद टूटना या घंटों बिस्तर पर लेटे रहने के बाद भी नींद न आना आजकल एक आम समस्या बन गई है। बदलती लाइफस्टाइल, मानसिक तनाव, देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल और अनियमित दिनचर्या इसकी बड़ी वजह मानी जाती है। लगातार नींद पूरी न होने पर अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और काम में ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है। अगर कभी-कभी नींद आने में देरी होती है तो यह सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार होने लगे, तो कुछ आसान आदतों में बदलाव और रिलैक्सेशन तकनीकें अच्छी नींद पाने में मदद कर सकती हैं।
जल्दी नींद लाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके
सोने से पहले कुछ सरल बदलाव आपकी नींद की गुणवत्ता बेहतर बना सकते हैं।
- रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं, ताकि शरीर की बॉडी क्लॉक (Circadian Rhythm) संतुलित रहे।
- सोने से करीब एक घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी बना लें।
- कमरे की लाइट हल्की रखें और सोने का माहौल शांत व आरामदायक बनाएं।
- बेडरूम का तापमान ऐसा रखें, जिसमें शरीर सहज महसूस करे।
4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक से मिल सकता है आराम
नींद जल्दी लाने के लिए 4-7-8 Breathing Technique भी आजमाई जा सकती है। इसमें
- 4 सेकंड तक नाक से गहरी सांस लें।
- 7 सेकंड तक सांस रोककर रखें।
- फिर 8 सेकंड में धीरे-धीरे मुंह से सांस छोड़ें।
यह तकनीक शरीर को रिलैक्स महसूस कराने में मदद कर सकती है, हालांकि हर व्यक्ति में इसका असर अलग-अलग हो सकता है।
मेडिटेशन और रिलैक्सेशन भी हो सकते हैं फायदेमंद
सोने से पहले हल्का मेडिटेशन, गहरी सांस लेने का अभ्यास या प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन किया जा सकता है। इस तकनीक में शरीर की अलग-अलग मांसपेशियों को कुछ सेकंड तक हल्का कसकर फिर ढीला छोड़ा जाता है, जिससे तनाव कम महसूस हो सकता है। अगर बिस्तर पर लेटने के करीब 20 मिनट बाद भी नींद न आए, तो उठकर हल्की किताब पढ़ना या शांत गतिविधि करना बेहतर माना जाता है। नींद आने पर दोबारा बिस्तर पर लौटें।
सोने से पहले इन आदतों से बचें
अच्छी नींद के लिए कुछ आदतों से दूरी बनाना भी जरूरी है
- देर शाम या रात में चाय, कॉफी और अन्य कैफीन युक्त पेय लेने से बचें।
- सोने से ठीक पहले भारी, तला-भुना या मसालेदार भोजन न करें।
- बिस्तर पर लेटकर लंबे समय तक मोबाइल या टीवी देखने की आदत छोड़ें।
- सोने से पहले तनावपूर्ण काम या मानसिक दबाव बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचें।
- रात में सोने से ठीक पहले बहुत भारी एक्सरसाइज करने से भी बचना चाहिए।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर कई सप्ताह तक लगातार नींद आने में परेशानी हो, रात में बार-बार नींद टूटे या नींद की कमी के कारण दिनभर थकान, सुस्ती और कामकाज प्रभावित होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इसके अलावा, यदि नींद के दौरान तेज खर्राटे, सांस रुकने जैसा महसूस होना, घुटन या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो यह स्लीप एपनिया जैसी समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से जांच और उचित उपचार कराना बेहतर होता है।
