Sea Buckthorn Nutrition: पोषक तत्वों का पावरहाउस है सी बकथॉर्न, जानें इसमें कितने विटामिन-मिनरल और कैसे करें सेवन
Sea Buckthorn Nutrition: सी बकथॉर्न एक छोटा, नारंगी रंग का फल है, जो कांटेदार झाड़ी पर उगता है। इसे भारत में हिमालयन बेरी, लेह बेरी, ब्रह्मफल और वंडर बेरी जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह मुख्य रूप से ठंडे और ऊंचाई वाले इलाकों में पाया जाता है। भारत में लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में इसकी खेती और प्राकृतिक रूप से उपलब्धता देखने को मिलती है। पिछले कुछ समय में सी बकथॉर्न को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसकी वजह इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स, फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड हैं। इसका स्वाद खट्टा होता है और फल के अलावा इसकी पत्तियों से हर्बल चाय भी तैयार की जाती है।
सी बकथॉर्न में कौन-कौन से विटामिन पाए जाते हैं?
सी बकथॉर्न को विटामिन C का अच्छा स्रोत माना जाता है। उपलब्ध पोषण संबंधी आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम सी बकथॉर्न में लगभग 275 मिलीग्राम विटामिन C पाया जा सकता है। इसके अलावा इसमें विटामिन E, कैरोटीनॉयड और अन्य पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। हालांकि, अलग-अलग किस्म, खेती की परिस्थितियों और फल की प्रोसेसिंग के कारण पोषक तत्वों की मात्रा में अंतर हो सकता है। इसलिए किसी एक आंकड़े को हर सी बकथॉर्न उत्पाद पर लागू नहीं किया जा सकता।
मिनरल्स और बायोएक्टिव कंपाउंड भी मौजूद
सी बकथॉर्न में पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन, जिंक, मैंगनीज और कॉपर जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें कई अमीनो एसिड और जैव सक्रिय यौगिक भी मौजूद होते हैं। रिसर्च में सी बकथॉर्न में कैरोटीनॉयड, पॉलीफेनोल, फेनोलिक एसिड और फ्लेवोनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए गए हैं। इसकी खासियतों में अलग-अलग प्रकार के फैटी एसिड की मौजूदगी भी शामिल है।
Omega-7 की वजह से भी चर्चा में रहता है सी बकथॉर्न
सी बकथॉर्न में पामिटोलेइक एसिड (Omega-7) पाया जाता है, जो इसे दूसरे कई फलों से अलग बनाता है। इसके अलावा इसमें Omega-3, Omega-6 और Omega-9 फैटी एसिड भी पाए जा सकते हैं। Omega-7 और अन्य फैटी एसिड पर त्वचा और मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़े संभावित प्रभावों को लेकर शोध हुआ है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज या निश्चित बचाव मानना सही नहीं है।
स्किन हेल्थ के लिए कितना फायदेमंद?
सी बकथॉर्न में मौजूद विटामिन C, विटामिन E और कैरोटीनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। इसके तेल में मौजूद फैटी एसिड के कारण इसे कॉस्मेटिक और स्किन-केयर उत्पादों में भी इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, सी बकथॉर्न खाने से झुर्रियां खत्म होने या त्वचा हमेशा जवां रहने जैसे दावों को वैज्ञानिक रूप से निश्चित नहीं माना जा सकता।
हार्ट और मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़ी संभावनाएं
सी बकथॉर्न में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड और फैटी एसिड को लेकर हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर संभावित प्रभावों का अध्ययन किया गया है। कुछ शुरुआती शोधों में इसके संभावित लाभ दिखाई दिए हैं, लेकिन इंसानों में इसके प्रभावों को लेकर अभी और मजबूत शोध की जरूरत है। इसलिए इसे संतुलित डाइट का हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज या किसी अन्य बीमारी की दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए।
सी बकथॉर्न का सेवन कैसे करें?
सी बकथॉर्न को अलग-अलग तरीकों से डाइट में शामिल किया जा सकता है:
- इसका जूस बनाकर पी सकते हैं।
- स्मूदी या शेक में पल्प मिलाया जा सकता है।
- पाउडर को दही, ओट्स या दलिया में मिलाया जा सकता है।
- पल्प को गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है।
- सूखी बेरीज का भी सेवन किया जा सकता है।
इसका स्वाद काफी खट्टा होता है, इसलिए शुरुआत में कम मात्रा से लेना बेहतर है। बाजार में उपलब्ध जूस या पाउडर खरीदते समय यह भी देखें कि उसमें अतिरिक्त चीनी कितनी है।
क्या सी बकथॉर्न सभी के लिए सुरक्षित है?
आम तौर पर खाद्य मात्रा में सी बकथॉर्न का सेवन किया जाता है, लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। अगर आप नियमित दवाएं लेते हैं, गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसे नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य पोषण संबंधी जानकारी पर आधारित है। सी बकथॉर्न किसी बीमारी का इलाज या दवा का विकल्प नहीं है। किसी स्वास्थ्य समस्या, एलर्जी या नियमित दवा के मामले में सेवन से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
