शराब पीते ही बिगड़ी तबीयत, फिर मौतों का सिलसिला… सागर में 9 मौतों से मचा हड़कंप, 25 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा इलाके में संदिग्ध शराब के सेवन के बाद मौतों और लोगों के बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया है। घूघरा, जालमपुर, बराज समेत आसपास के गांवों में कई ग्रामीणों की अचानक तबीयत बिगड़ने की सूचना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 25 से अधिक मरीजों को जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और आबकारी विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है।
एक के बाद एक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
जानकारी के मुताबिक, प्रभावित गांवों में संदिग्ध शराब पीने के बाद ग्रामीणों की हालत बिगड़ने लगी। कई लोगों को उल्टी, कमजोरी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बाद बंडा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर मरीजों को सागर जिला अस्पताल भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं और लोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया के अनुसार, अब तक 9 मौतें सामने आई हैं, जबकि 25 से ज्यादा मरीजों को इलाज के लिए सागर रेफर किया गया है। हालांकि, मौतों और बीमारी की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
गांवों में पहुंचा प्रशासन, कलेक्टर-एसपी ने संभाली कमान
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गया। सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने अधिकारियों के साथ गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बंडा अस्पताल पहुंचकर उन्होंने भर्ती मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने और गंभीर मरीजों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
शराब कहां से आई? पुलिस-आबकारी विभाग खंगाल रहा पूरा नेटवर्क
मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ग्रामीणों तक संदिग्ध शराब पहुंची कैसे? पुलिस और आबकारी विभाग शराब के स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि शराब कहां से खरीदी गई, किसने इसे उपलब्ध कराया और इसमें किसी जहरीले या प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी तो नहीं थी। जांच एजेंसियां प्रभावित गांवों में शराब की बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही हैं। जरूरत पड़ने पर शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे।
प्रशासन की अपील- लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि शराब पीने के बाद किसी व्यक्ति की तबीयत असामान्य रूप से बिगड़ती है तो उसे घर पर रखने या घरेलू उपचार करने के बजाय तुरंत अस्पताल ले जाएं। प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों की मौजूदगी बढ़ाई गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीमार लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के साथ-साथ संदिग्ध शराब के स्रोत तक पहुंचना है। 9 मौतों के बाद बंडा क्षेत्र में दहशत का माहौल है और जांच के नतीजों से ही साफ होगा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे असल वजह क्या है।
