NSUI प्रदेश अध्यक्ष पर 29 लाख से ज्यादा की ठगी का आरोप, रेत खदान और कैंटीन ठेका दिलाने के नाम पर रकम लेने की शिकायत
रायपुर। छत्तीसगढ़ NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में कथित ठगी को लेकर लिखित शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता राजू सोनकर ने नीरज पाण्डेय, उनके भाई दीपक और चाचा इंद्रासन पर रेत खदान, DKS अस्पताल की कैंटीन और एक कंपनी की एजेंसी दिलाने का भरोसा देकर 29 लाख रुपये से अधिक रकम लेने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, रकम लेने के बावजूद बताए गए काम नहीं हुए और पैसे वापस मांगने पर भी राशि लौटाई नहीं गई।
2023 से 2025 के बीच रकम लेने का दावा
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के बंधवापारा निवासी राजू सोनकर ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि अक्टूबर 2023 से मई 2025 के बीच अलग-अलग मौकों पर उससे रकम ली गई। शिकायत के मुताबिक, उसे कारोबार और ठेके से जुड़े काम दिलाने का भरोसा दिया गया था। जब लंबे समय तक कोई काम आगे नहीं बढ़ा तो उसने रकम वापस मांगनी शुरू की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर उसे कथित तौर पर पद और प्रभाव का हवाला दिया गया तथा रकम लौटाने से इनकार किया गया। मामले में राजू ने पुलिस से पूरे लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
दो महीने पहले थाने पहुंची शिकायत
जानकारी के मुताबिक, इस मामले को लेकर शिकायत करीब दो महीने पहले 25 जुलाई को पुरानी बस्ती थाने में दी गई थी। शिकायत में रकम के लेनदेन से जुड़े दावों और ठेका दिलाने के लिए किए गए कथित वादों का उल्लेख किया गया है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
NSUI प्रदेश अध्यक्ष के भाई ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, आरोपों पर नीरज पाण्डेय के भाई दीपक ने अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता राजू सोनकर और उनके चाचा के बीच प्लॉटिंग से जुड़ा संयुक्त काम था और इसी कारोबार के सिलसिले में उनके बीच आर्थिक लेनदेन हुआ था। दीपक के मुताबिक, राजू के परिवार से उनके लंबे समय से घरेलू संबंध रहे हैं। उन्होंने NSUI प्रदेश अध्यक्ष से जुड़े ठगी के आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि राजू ने किन परिस्थितियों या किसके कहने पर इस तरह की शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत से उठे सवाल, जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल, पूरा मामला पुलिस शिकायत और दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच है। शिकायतकर्ता ने जहां ठेका और एजेंसी दिलाने के नाम पर रकम लेने का आरोप लगाया है, वहीं आरोपी पक्ष ने इसे कारोबारी लेनदेन से जुड़ा विवाद बताया है। अब पुलिस की जांच में रकम के लेनदेन, दस्तावेजों और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
