आयुष्मान योजना: प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी, रेफर करने के बाद भी कागजों में भर्ती हैं मरीज

आयुष्मान योजना: प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी, रेफर करने के बाद भी कागजों में भर्ती हैं मरीज

रायगढ़। जिले में प्राइवेट अस्पतालों की कार्यप्रणाली लोगों में निरंतर संदेह पैदा कर रही है। आयुष्मान योजना के तहत जमकर मनमानी चल रही है। नियमानुसार देखा जाए तो किसी भी मरीज के भर्ती होने पर क्लेम ओपन किया जाता है। साथ ही डिस्चार्ज या रेफर करने के दौरान ही क्लेम को बंद करना होता है। लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में ऐसा नहीं हो रहा है। प्रबंधन की लापरवाही से रेफर मरीज जैसे ही दूसरे अस्पताल पहुंचते हैं, वे परेशान होते हैं।

पद्मावती अस्पताल की लापरवाही आई सामने

पिछले दिनों खरसिया के पद्मावती अस्पताल का मामला सामने आया। जुर्डा निवासी जगतराम उपचार के लिए वहां भर्ती हुआ। अस्पताल में उपचार के दौरान उसका आयुष्मान योजना के तहत क्लेम ओपन किया गया। कुछ दिनों बाद जगतराम को मेडिकल कॉलेज रायगढ़ रेफर कर दिया गया।

Read More Raipur Crime News: 53 लाख की उठाईगिरी के बाद गीजर-टीवी और खिलौनों में छिपाई रकम, हजारों CCTV फुटेज से पकड़े गए दो आरोपी

मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचा, वहां उपचार शुरू हुआ। लेकिन जब योजना का लाभ देने के लिए खाता चेक किया गया, तो पता चला कि पद्मावती अस्पताल ने क्लेम के लिए ओपन किए गए आयुष्मान को क्लोज नहीं किया है।

Read More MP Crime News: धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु थे निशाने पर! सोशल मीडिया से रेकी कर चोरी करने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार

परिजनों को करनी पड़ी भारी मशक्कत

मरीज के परिजनों को योजना का लाभ लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जब परिजनों ने पद्मावती अस्पताल में शिकायत की, तब जाकर वहां आयुष्मान का खाता क्लोज हुआ। इसके बाद ही मेडिकल कॉलेज में योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ। जो मरीज रेफर होते हैं, उनका यह हाल है। ऐसे में जिन मरीजों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी जाती है, ऐसे मरीजों का भी आयुष्मान के तहत खाता खुला रहता होगा।

नाम के नोडल अधिकारी, मॉनिटरिंग है जीरो

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के तहत योजना की मॉनिटरिंग को लेकर जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। लेकिन प्राइवेट अस्पतालों की मॉनिटरिंग जीरो है। शिकायत के लिए नोडल अधिकारी को फोन लगाने पर केवल मोबाइल की घंटी बजती रहती है। ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारी महोदय को अपने कार्यालय में फोन उठाने की फुर्सत नहीं है या यह काम उनके प्रभार में ही नहीं आता।

रेफर या डिस्चार्ज करने के दौरान ही आयुष्मान क्लोज करने का प्रावधान है। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी।

 अनिल जगत, सीएमएचओ, रायगढ़

Tags:

Latest News

घुमाने के बहाने पत्नी को ले गया पति, शिवनाथ नदी में मौत, मयूर मेश्राम हिरासत में घुमाने के बहाने पत्नी को ले गया पति, शिवनाथ नदी में मौत, मयूर मेश्राम हिरासत में
86 लाख की आय, 1.90 करोड़ खर्च, लक्ष्मण गाईन पर एसीबी का शिकंजा
वन माफियाओं पर आधी रात दबिश, 12 चक्का ट्रक समेत तीन वाहन जब्त, लकड़ी तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज
रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खबर, नवंबर-दिसंबर में कई ट्रेनें रहेंगी रद्द, उत्कल एक्सप्रेस का बदलेगा रूट, बिलासपुर-दुर्ग सहित इन ट्रेनों पर पड़ेगा असर
बिलासपुर में सजेगा पटाखों का बड़ा बाजार, रिवर व्यू में लगेंगी 140 दुकानें, निगम की तैयारी शुरू
7 साल की मासूम की हत्या से सनसनी, 60 किमी दूर घने जंगल में छिपा मिला आरोपी
मंत्री के गांव में गड्ढों ने ली दो जानें, जर्जर सड़क पर बेकाबू बस बिजली के खंभे से टकराई, आधा दर्जन घायल
शिक्षक की कमी दूर करने डीपीआई का नया फॉर्मूला, अब एक लेक्चरर पढ़ाएंगे दो विषय
20 लाख के कर्ज ने बनाया कातिल, पैसे देने से किया इनकार, तो टीचर और बेटे को उतरा मौत के घाट
तीसरे युवक से बातचीत बनी नाबालिग के मौत की वजह, पांच साल के प्रेम संबंध का हुआ अंत, प्रेमी और साथी गिरफ्तार
जिन्होंने संगठन को किनारे किया, हाईकमान ने उन्हें ही लगा दिया किनारे!
डॉ. गहवई पर गिरी गाज से चिकित्सा जगत में आक्रोश, लामबंद हुए डॉक्टर