बार-बार चक्कर आना किस विटामिन की कमी का संकेत? जानें कब डॉक्टर से करानी चाहिए जांच
अगर आपको बार-बार चक्कर आते हैं, तो इसे केवल थकान या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। कई मामलों में यह शरीर में जरूरी विटामिन की कमी का संकेत भी हो सकता है। हालांकि हर बार चक्कर आने की वजह विटामिन की कमी नहीं होती। लो ब्लड प्रेशर, एनीमिया, डिहाइड्रेशन, कान से जुड़ी समस्याएं और कुछ अन्य बीमारियां भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं। इसलिए लगातार चक्कर आने की स्थिति में सही कारण का पता लगाना बेहद जरूरी है।
किन विटामिन की कमी से आ सकते हैं चक्कर?
विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन B12, फोलेट (विटामिन B9) और विटामिन D की कमी होने पर कुछ लोगों को बार-बार चक्कर आने की शिकायत हो सकती है। विटामिन B12 और फोलेट शरीर में रेड ब्लड सेल्स बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी कमी से एनीमिया हो सकता है, जिससे दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती और कमजोरी, थकान व चक्कर जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।
वहीं, विटामिन D की कमी मांसपेशियों की कमजोरी और शरीर का संतुलन बिगाड़ सकती है। इसके कारण कुछ लोगों को चलते समय अस्थिरता या चक्कर आने जैसा महसूस हो सकता है। हालांकि केवल चक्कर आने के आधार पर किसी विटामिन की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और ब्लड टेस्ट जरूरी होता है।
किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?
यदि चक्कर आने के साथ लगातार कमजोरी, अत्यधिक थकान, सांस फूलना, धुंधला दिखाई देना, हाथ-पैरों में झनझनाहट, चलने में परेशानी, बेहोशी, तेज सिरदर्द या सीने में दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ये किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं।
बार-बार चक्कर आने पर क्या करें?
अगर आपको बार-बार चक्कर आते हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन सप्लीमेंट लेना शुरू न करें। सबसे पहले चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक ब्लड टेस्ट और अन्य जांच कराएं। संतुलित और पौष्टिक आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं, नियमित नींद लें और शरीर को हाइड्रेट रखें। यदि चक्कर के साथ बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या बोलने में कठिनाई जैसे गंभीर लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। समय पर जांच और सही उपचार से समस्या की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सकता है और उचित इलाज संभव होता है।
