व्हाट्सएप चैट ने मचाया हड़कंप, शॉक्ड सचिव ने मातहतों को हड़काया!
रायपुर। सोशल मीडिया के इस पारदर्शी दौर में सच को सरकारी फाइलों की धूल में दफ्न करना अब मुमकिन नहीं रहा। इन दिनों जल संसाधन विभाग की गलियों में वायरल हुई व्हाट्सएप चैट जंगल में लगी आग की तरह फ़ैल रही रही है। एक ऐसा मेसेज , जिसने विभागीय अधिकारियो बाबूओं, ठेकेदारों और कर्मचारियों की रातों की नींद उड़न छु कर दी है। सन्देशा भेजने वाले कोई ऐसे वैसे नहीं, बल्कि विभागीय सचिव हैं। लेकिन राष्ट्रीय जगत विजन की तेज नजर में इस संदेश की भाषा शैली किसी जिम्मेदार अधिकारी की कम और एक डरे हुए, घबराए हुए व्यक्ति की हताशा ज्यादा लगती है।
सुप्रभात GOOD - MORNING से शुरू हुई डर की कहानी
वायरल हो रहे इस मेसेज का आगाज भले ही GOOD MORNING से होता है, लेकिन इसके भीतर जो जहर और डर भरा है, वह किसी डरावने सपने से कम नहीं। अपने सन्देश में साहब लिखते हैं कि उन्हें CMO (मुख्यमंत्री कार्यालय) से एक फॉरवर्डेड संदेश मिला है, जिसे पढ़कर वह और CMO दोनों "SHOCKED!!!" (हैरान) हैं।
इसके बाद शुरू होता है सत्ता की हनक और धमकियों का नंगा नाच। महोदय अपने मातहतों को चेताते हैं कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा इस साजिश" की जांच शुरू कर दी गई है।
फोन रिकॉर्ड, मैसेज और बैठकों की ट्रैकिंग का खौफ दिखाया जा रहा है। फरमान सुना दिया गया है कि जो भी दोषी होगा, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।
मगरमच्छ के आंसू SAD होने का ड्रामा
इस पुरे घटनाक्रम का सबसे चुटकिला हिस्सा वह है, जहां सचिव साहब अचानक मदर टेरेसा की तरह भावुक हो जाते हैं। सर लिखते हैं कि वह बहुत SAD! और निराश हैं कि कैसे विभाग का नमक खाने वाले—वेतन और पेंशन लेने वाले—अधिकारी और ठेकेदार विभाग के ही खिलाफ 'साजिश' रच सकते हैं।
चोर की दाढ़ी में तिनका: खौफ किसका, घबराहट कैसी?
हिंदी में एक एक मशहूर मुहावरा है—चोर की दाढ़ी में तिनका । इसका सीधा और साफ़ अर्थ है कि जो व्यक्ति कोई अपराध या गलत काम करता है, वह हमेशा डरा और सहमा रहता है। इस वायरल मैसेज के संदर्भ में इस मुहावरे को रखकर देखिए, पूरी तस्वीर शीशे की तरह साफ हो जाएगी l पकड़े जाने का खौफ: मैसेज में जिस तरह से पुलिस, एजेंसियों और कॉल ट्रैकिंग का हौवा खड़ा किया गया है, उससे एक चीज तो साफ है कि किसी बड़े भ्रष्टाचार की पोल खुल चुकी है। जिस किसी ने भी विभाग के नाम पर लूट खसोट की है, वो अब डर से कांप रहा है। सचिव महोदय का यह वायरल मैसेज केवल अनुशासन का डंडा नहीं है, बल्कि यह अपने पापों पर पर्दा डालने और सच बोलने वालों की आवाज को बूटों तले कुचलने की भद्दी कोशिश है।
