दिल्ली-सहारनपुर रेलमार्ग पर बड़ा खतरा टला! ट्रैक पर रखी थीं 20-25 टाइल्स, लोको पायलट की सतर्कता से बची 260 यात्रियों की जान
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर रेलमार्ग पर गुरुवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। बूढ़पुर रेलवे हाल्ट के पास किसी ने कथित तौर पर रेलवे ट्रैक पर इंटरलॉकिंग टाइल्स के करीब 20 से 25 टुकड़े रख दिए। इसी ट्रैक से गुजर रही शामली-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन के लोको पायलट की सतर्कता से ट्रेन समय रहते रुक गई। ट्रैक पर रखी टाइल्स ट्रेन के काऊ कैचर से टकरा गई थीं। खतरे का अंदाजा लगते ही लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। ट्रेन रुकने के बाद रेलवे कर्मचारियों ने मौके का निरीक्षण किया तो ट्रैक पर टाइल्स के टुकड़े मिले। इस घटना में ट्रेन में सवार करीब 260 यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया था। रेलवे पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रात के अंधेरे में ट्रैक पर रखी गईं टाइल्स
जानकारी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 64020 गुरुवार तड़के करीब 2:40 बजे शामली रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। करीब 3 बजे ट्रेन बूढ़पुर हाल्ट पार कर कासिमपुर खेड़ी की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान ट्रेन के आगे रखी इंटरलॉकिंग टाइल्स काऊ कैचर से टकराईं। अचानक हुई टक्कर से लोको पायलट देव कुमार सतर्क हो गए। उन्होंने बिना देर किए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए और ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकते ही यात्रियों में भी हलचल मच गई। कुछ देर के लिए किसी को समझ नहीं आया कि आखिर अचानक ट्रेन क्यों रोक दी गई।
जांच में ट्रैक पर मिले टाइल्स के टुकड़े
ट्रेन रुकने के बाद रेलवे कर्मचारियों ने ट्रैक की जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान करीब 20 से 25 इंटरलॉकिंग टाइल्स के टुकड़े ट्रैक पर पड़े मिले। कुछ टाइल्स ट्रेन के काऊ कैचर से टकराकर टूट चुकी थीं, जबकि कई टुकड़े रेलवे ट्रैक के आसपास बिखरे हुए थे। रेलवे टीम ने आसपास के क्षेत्र में भी तलाशी ली, लेकिन शुरुआती जांच में ट्रैक पर टाइल्स रखने वाले किसी व्यक्ति का पता नहीं चल सका।
ट्रेन करीब आधे घंटे खड़ी रही
घटना की जानकारी लोको पायलट ने दिल्ली में ट्रेन मैनेजर को दी। इसके बाद कासिमपुर खेड़ी के स्टेशन मास्टर शशि भूषण मौके पर पहुंचे और रेलवे पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही RPF शामली के ASI देशपाल, रेलवे पथ विभाग के की-मैन मीनू अली और गैंगमैन दीपक कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। रेलवे टीम ने ट्रैक को पूरी तरह जांचने के बाद उसे सुरक्षित घोषित किया। इस दौरान ट्रेन करीब आधे घंटे तक मौके पर खड़ी रही, जिसके कारण यात्रियों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को दिल्ली की ओर रवाना किया गया।
साजिश या शरारत? जांच में जुटी पुलिस
ट्रैक पर इतनी संख्या में टाइल्स रखे जाने की घटना को रेलवे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टाइल्स वहां किसने रखीं और उनका मकसद क्या था। क्या यह महज शरारत थी या जानबूझकर ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश इस सवाल का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। RPF शामली के इंस्पेक्टर सोनित शर्मा के मुताबिक, घटनास्थल से इंटरलॉकिंग टाइल्स के टुकड़े बरामद हुए हैं। स्टेशन मास्टर की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
CCTV और आसपास के लोगों से पूछताछ पर फोकस
अब जांच टीम आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल सकती है। साथ ही रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों और घटना के समय इलाके में मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। सबसे अहम कड़ी यह पता लगाना होगी कि टाइल्स ट्रैक तक कैसे पहुंचीं और उन्हें किस समय वहां रखा गया। फिलहाल, लोको पायलट की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। अगर ट्रेन की रफ्तार ज्यादा होती और समय पर ब्रेक नहीं लगाया जाता, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। रेलवे ट्रैक पर किसी भी तरह की वस्तु रखना बेहद खतरनाक है। इस घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है।
