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गरियाबंद में तेंदुए की खाल के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई में अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने तेंदुए की खाल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच फैले तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार बताए जा रहे हैं।
गोपनीय सूचना के बाद हाईवे पर की गई घेराबंदी
वन विभाग को 5 मार्च को गुप्त सूचना मिली थी कि रायपुर–देवभोग नेशनल हाईवे 130C के रास्ते तेंदुए की खाल की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने तौरेंगा वनोपज जांच नाका पर वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान रायपुर से देवभोग की ओर जा रही मारुति सुजुकी ईको (CG 04 PT 2966) को रोककर तलाशी ली गई। वाहन की जांच में तेंदुए की आधी खाल (बिना सिर और पंजे) बरामद हुई, जिसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया।
दो आरोपी मौके से गिरफ्तार
मौके पर कार्रवाई करते हुए एंटी-पोचिंग टीम ने वाहन में सवार दोनों संदिग्धों को तुरंत हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उनकी पहचान जमरसाय (55 वर्ष) निवासी कटेलपारा, छुरा और सूरज नेताम (21 वर्ष) निवासी कांटाखुसरी, छुरा के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने तेंदुए की खाल की अवैध तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के नेटवर्क के बारे में भी पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे रैकेट का खुलासा किया जा सके।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका
प्रारंभिक जांच में इस तस्करी गिरोह के तार ओडिशा के नुआपाड़ा जिले से जुड़े होने की बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार इस नेटवर्क में कई और लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीम छापेमारी कर रही है।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को 7 मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और इस तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
