ऑपरेशन थियेटर में चीर-फाड़, फिर BP का बहाना, मातृका नर्सिंग होम के डॉक्टर की लापरवाही से महिला की मौत
बिना रिफर लेटर के प्राइवेट एंबुलेंस से सिम्स में भेजा, जांच में खुली डॉ की पोल... बेटे ने की कार्रवाई की मांग
बिलासपुर। जिले से चिकित्सा के पेशे को शर्मसार करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां इलाज के नाम पर एक निजी अस्पताल ने न सिर्फ मरीज की जान से खिलवाड़ किया, बल्कि अपनी गलती छिपाने के लिए उसे मरने की हालत में सरकारी अस्पताल (सिम्स) के दरवाजे पर छोड़ दिया। रतनपुर स्थित मातृका नर्सिंग होम और वहां के डॉ. नेहल झा पर एक महिला के बच्चेदानी के ऑपरेशन में घोर लापरवाही बरतने और साजिशन उसकी जान लेने का गंभीर आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
रतनपुर तहसील के ग्राम पोड़ी नवागांव निवासी 21 वर्षीय मुकेश साहू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मुकेश के मुताबिक, शनिवार 6 जून 2026 को उसने अपनी 50 वर्षीय मां कुमारी बाई साहू को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए रतनपुर थाना रोड स्थित मातृका नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। अस्पताल प्रबंधन ने पहले 15,000 रुपये नगद जमा कराए, जिसके बाद डॉ. नेहल झा महिला को ऑपरेशन थियेटर (OT) ले गए।
ओटी के अंदर हुई गड़बड़ी और फिर रची गई कहानी
परिजनों का आरोप है कि ओटी के अंदर डॉ. नेहल झा ने लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन किया। जब स्थिति हाथ से बाहर होने लगी, तो डॉक्टर ने घबराकर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश की। डॉक्टर बाहर आए और परिजनों से मरीज का ब्लड प्रेशर (BP) सही नहीं होने का बहाना बनाया। इसके तुरंत बाद, बिना कोई आधिकारिक रिफरेंस लेटर बनाए, नर्सिंग होम के ही प्राइवेट एंबुलेंस में महिला को आनन-फानन में सिम्स (CIMS) बिलासपुर भेज दिया गया।
सिम्स में खुला खौफनाक राज
जब परिजन बदहवास हालत में महिला को लेकर सिम्स पहुंचे, तो वहां के डॉक्टर भी हैरान रह गए। मरीज के पास किसी भी नर्सिंग होम का कोई रिफर पर्चा नहीं था। मेडिकल प्रोटोकॉल और दस्तावेजों के अभाव में शुरुआती जांच में कुछ देरी हुई। लेकिन जब सिम्स के डॉक्टरों ने महिला की जांच की, तो सच्चाई सामने आई। डॉक्टरों ने बताया कि महिला का पहले ही ऑपरेशन किया जा चुका है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी थी कि सिम्स पहुंचने के कुछ ही मिनटों के भीतर महिला ने तड़पकर दम तोड़ दिया।
सीसीटीवी में कैद है सच, पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़ित बेटे मुकेश साहू ने रतनपुर आरक्षी केंद्र के थाना प्रभारी को लिखित शिकायत की है। और डॉ. नेहल झा के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में पीड़ित ने बताया है कि मातृका नर्सिंग होम में हुई यह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। मुकेश ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि नर्सिंग होम के डीवीआर (DVR) को तुरंत जब्त किया जाए, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके।
गंभीर सवालों के घेरे में अस्पताल प्रबंधन...
इस घटना ने रतनपुर इलाके में चल रहे निजी नर्सिंग होम्स की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब डॉक्टर से ऑपरेशन नहीं संभल रहा था, तो मरीज की जान जोखिम में क्यों डाली गई? स्थिति बिगड़ने पर बिना रिफर लेटर के मरीज को क्यों चलता कर दिया गया?
