सूरत में दर्दनाक हादसा! ज्वेलरी फैक्ट्री के टैंक में उतरे 4 मजदूरों की दम घुटने से मौत, सेफ्टी नियमों पर उठे सवाल
नई दिल्ली। सूरत के वराछा इलाके में स्थित एक ज्वेलरी यूनिट में आज सुबह बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया है। फैक्ट्री के ETP (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड तथा प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पहुंची।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चार मजदूर टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे। सफाई के दौरान टैंक में मौजूद जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और कुछ ही देर में सभी बेहोश होकर अंदर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलने पर फायर विभाग को बुलाया गया, जिसके बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
फायर ब्रिगेड की टीम जब मौके पर पहुंची तो उन्हें पहले एक व्यक्ति के फंसे होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन जांच के दौरान टैंक के भीतर चार मजदूर बेहोश हालत में मिले। काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया और इलाज के लिए SMIMER अस्पताल भेजा गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों मजदूरों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और प्रशासन की शुरुआती जांच में सामने आया है कि टैंक में उतरने से पहले जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक मजदूरों के पास किसी प्रकार का सुरक्षा उपकरण या गैस सुरक्षा किट मौजूद नहीं थी। यही वजह है कि जहरीली गैस का असर सीधे उन पर पड़ा और यह हादसा जानलेवा साबित हुआ।
घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटना से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया और इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
