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पुलिस की कस्टडी से दिनदहाड़े भागा युवती के अपहरण और दुष्कर्म का आरोपी तांत्रिक; बस्तर से पकड़ा, थाने में ही चकमा दे गया
भिलाई/दुर्ग। जामुल थाना क्षेत्र से युवती का अपहरण और दुष्कर्म करने का आरोपी तांत्रिक हेमंत अग्रवाल शुक्रवार शाम भिलाई तीन थाने से तीन पुलिसकर्मियों को चकमा देकर दिन दहाड़े फरार हो गया। पुलिस ने जिसे पकड़ने के लिए दो दिन तक बस्तर कोंडागांव और दंतेवाड़ा तक खाक छानी, वह थाने के अंदर से ही रफूचक्कर हो गया। यह घटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। वहीं, उसके दो साथी अभी भी पुलिस हिरासत में हैं।

लापरवाही: थाने में बिना रोजनामचा बैठाए रखा बाहर
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जामुल थाने के स्टाफ ने न तो आरोपी को भिलाई तीन थाने के सुपुर्द किया और न ही रोजनामचा रिपोर्ट में उसकी एंट्री की। आरोपी को थाने के बाहर ही बैठा दिया गया था, जिसका फायदा उठाकर वह फरार हो गया। इस दौरान जामुल थाने का एक प्रधान आरक्षक और दो सिपाही मौजूद थे।
एएसपी तंवर ने मानी लापरवाही; युवती ने भी लगाए गंभीर आरोप
एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीम रवाना कर दी गई है। उन्होंने प्राथमिक तौर पर जामुल थाने के कर्मियों की लापरवाही स्वीकार की है। आरोपी हेमंत अग्रवाल पर मारपीट अपहरण दुष्कर्म और पेट पर वार करने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने युवती को बरामद कर कोर्ट में बयान दर्ज करवा लिया है, जिसके आधार पर आरोपी पर गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं। समाजसेवी जानीसार अख्तर के मुताबिक, युवती ने सखी सेंटर और जामुल थाने के स्टाफ पर भी मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है।
सिस्टम पर सवाल: जादू तो नहीं कर दिया तांत्रिक ने!
एक तरफ पुलिस महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है और दूसरी तरफ युवती के अपहरण और दुष्कर्म का आरोपी, जिसे पकड़ने में पुलिस ने बस्तर के जंगल छान मारे, वह थाने से ही भाग जाता है। क्या यह मान लिया जाए कि आरोपी तांत्रिक ने सचमुच पुलिसकर्मियों पर कोई जादू ही कर दिया था? सवाल यह है कि जब थाने के भीतर अपराधी सुरक्षित नहीं रखे जा सकते, तो आम जनता कैसे खुद को सुरक्षित महसूस करे। पुलिस की यह घोर लापरवाही बताती है कि अपराधी को पकड़ना जितना मुश्किल नहीं है, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल उसे कस्टडी में रखना है। इस 'रफूचक्कर' कांड ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जोरदार तमाचा जड़ा है और सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोल दी है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि मिलीभगत और लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
