Raipur Breaking: पुलिस की आंखों के सामने भागे आरोपी, चलती वैन से कूदे, कैसे टूटी सुरक्षा चेन?
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस की कस्टडी से तीन नाबालिग आरोपियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। चोरी के आरोप में पकड़े गए ये नाबालिग चलती पुलिस वैन से कूदकर भाग निकले। पुलिस ने पीछा कर एक को दबोच लिया, लेकिन दो आरोपी घनी बस्तियों का फायदा उठाकर फरार हो गए। इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चलती गाड़ी से छलांग, सेकेंडों में फरार
जानकारी के मुताबिक, उरला थाना पुलिस तीनों नाबालिगों को बाल न्यायालय ले जा रही थी। रास्ते में बीरगांव स्थित शुभम मार्ट के पास एक आरोपी ने गाड़ी का लॉक चेक किया, जो अंदर से आसानी से खुल गया। इसके बाद उसने साथियों को इशारा किया और तीनों चलती गाड़ी से कूदकर भाग निकले। पूरी घटना कुछ ही सेकेंड में हो गई।
पीछा किया, लेकिन दो आरोपी गलियों में गायब
नाबालिगों के कूदते ही ड्राइवर ने तुरंत ब्रेक लगाया और पुलिसकर्मी उनके पीछे दौड़े। हालांकि, बीरगांव की तंग गलियों और अंधेरे का फायदा उठाकर दो आरोपी फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर एक नाबालिग को पकड़ लिया, जबकि बाकी दो की तलाश जारी है।
तकनीकी खामी बनी फरारी की वजह?
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, जिस बोलेरो वाहन में आरोपियों को ले जाया जा रहा था, उसका लॉक सिस्टम अंदर से बिना चाबी के खुल रहा था। यह गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने आरोपियों को भागने का मौका दे दिया।
नाकेबंदी, सर्च ऑपरेशन जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी गई। संदिग्धों की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि फरार दोनों नाबालिगों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
लगातार हो रही घटनाओं से सुरक्षा पर सवाल
यह कोई पहली घटना नहीं है जब पुलिस की कस्टडी से आरोपी फरार हुए हों। हाल के महीनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, अस्पताल से हत्या का आरोपी फरार, कोर्ट पेशी के दौरान दो कैदी भागे,थाने से गांजा तस्कर फरार और पुलिस वाहन से कूदकर आरोपी फरार लगातार हो रही इन घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिस्टम फेल या लापरवाही?
इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सिस्टम की खामी है या फिर जिम्मेदारों की लापरवाही? पुलिस हिरासत जैसी संवेदनशील स्थिति में इस तरह की चूक कानून व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है।
प्रशासन अलर्ट, जांच के आदेश संभव
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। साथ ही पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
