ट्रांसफार्मर का धमाका बना किसानों का काल, पिता-पुत्र समेत एक साथ उठेंगी तीन अर्थियां, गांव में पसरा मातम
बेमेतरा : जिले के मोहतरा गांव में खेत के बीच हुआ ट्रांसफार्मर का जोरदार धमाका तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का गम बन गया। ट्रांसफार्मर फटने से निकले गर्म तेल की चपेट में आकर तीन किसान झुलस गए, गाँव के लोग तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर गये, जहां की इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई। मृतकों में ईश्वर पटेल(62), राधेश्याम चंद्राकर (50) और उनका बेटा छन्नू चंद्राकर(32) शामिल हैं। एक ही हादसे में तीन मौतों से पूरे गांव में मातम छा गया है।
हादसा रविवार 20 सितंबर की सुबह करीब 8:30 बजे मोहतरा (खंडसरा) गांव के हेमबंद खार में हुआ। बताया गया कि ईश्वर पटेल, राधेश्याम चंद्राकर और छन्नू चंद्राकर खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान खेत के पास लगे ट्रांसफार्मर में अचानक जोरदार धमाका हुआ। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर फट गया और उसमें भरा खौलता तेल दूर तक फैल गया। तीनों किसान इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए।
धमाके के बाद गाँव में मची चीख-पुकार
अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और गंभीर रूप से झुलसे तीनों किसानों को तत्काल बेमेतरा जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को रायपुर रेफर कर दिया। इसके बाद उनका रायपुर में उपचार चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को जिंदगी और मौत से जूझ रहे तीनों किसानों ने दम तोड़ दिया।
एक साथ उठेंगी तीन अर्थियां
तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। शनिवार को मोहतरा गांव में तीनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। एक साथ तीन लोगों की मौत से गांव का माहौल गमगीन है। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक तीनों किसान काम करते नजर आते थे, वहीं से अब उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के बाद नहीं आये शासन-प्रशासन के अधिकारी, ग्रामीणों में आक्रोश
घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी है। ग्रामीणों का कहना है कि तीन किसानों की जान चले जाने के बाद भी अब तक शासन-प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों का हाल जानने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर फटने की घटना की जांच कराने के साथ मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
