Raipur Temple Controversy: शीतला मंदिर के सूचना बोर्ड पर बवाल, यादव समाज के प्रदर्शन के बाद पीठाधीश पर FIR
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में लगे सूचना बोर्ड को लेकर विवाद गहरा गया है। बोर्ड पर लिखे कथित आपत्तिजनक शब्दों को लेकर यादव समाज ने नाराजगी जताई और आज पुरानी बस्ती थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने नारेबाजी करते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के बाद पुलिस ने मंदिर के पीठाधीश नीरज सैनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(2) के तहत FIR दर्ज की है।
सूचना बोर्ड पर लिखे शब्दों को लेकर विवाद
विवाद की वजह शीतला माता मंदिर परिसर में लगाया गया एक सूचना बोर्ड बताया जा रहा है। बोर्ड पर लिखा था, “ठग रौताइनों से सावधान, जल चढ़ाने हेतु किसी भी रौताइन को रुपये न दें।” यादव समाज का आरोप है कि इस भाषा से समाज की महिलाओं का अपमान हुआ है और पूरे समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि बोर्ड से कथित आपत्तिजनक शब्द हटाए जाएं और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
पहले भी पुलिस से की गई थी शिकायत
मामले को लेकर यादव समाज के लोग 17 अक्टूबर को भी पुरानी बस्ती थाने पहुंचे थे और शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। समाज के प्रतिनिधियों ने सूचना बोर्ड पर लिखे शब्दों को महिलाओं के सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा बताया था। इसके बाद आज प्रदेश अध्यक्ष सुधीर यादव के नेतृत्व में समाज के लोगों ने दोबारा थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने भी उठाया मुद्दा
इस विवाद पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने पोस्ट में कहा कि नवरात्र के दौरान एक ओर देवी की पूजा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर में लगाए गए पोस्टर में यादव-राउत समाज की महिलाओं के लिए कथित अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
पीठाधीश के खिलाफ FIR, जांच जारी
यादव समाज के प्रदर्शन और शिकायत के बाद पुलिस ने शीतला मंदिर के पीठाधीश नीरज सैनी के खिलाफ BNS की धारा 196(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अब मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी। FIR दर्ज होना आरोप सिद्ध होने के समान नहीं है; मामले के तथ्यों और संबंधित पक्षों की भूमिका का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। शीतला मंदिर का यह विवाद अब धार्मिक स्थल पर लगाए गए सूचना बोर्ड से आगे बढ़कर सामाजिक सम्मान और कानूनी कार्रवाई का मुद्दा बन गया है। फिलहाल, मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
