महादेव सट्टा एप: एएसआई चंद्रभूषण वर्मा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अब आपराधिक केस खत्म होने तक रुकी विभागीय जांच
बिलासपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले के मुख्य आरोपी एएसआई चंद्रभूषण वर्मा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने साफ कर दिया है कि जब तक वर्मा के खिलाफ आपराधिक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक पुलिस विभाग उनके खिलाफ विभागीय जांच नहीं चला सकता। जस्टिस की सिंगल बेंच ने इस आदेश में कहा कि एक साथ दो-दो जांच चलने से आरोपी पर मानसिक दबाव बनता है और इससे निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कम हो जाती है। अब पुलिस विभाग को विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए आपराधिक केस के फैसले का इंतजार करना होगा।
दोहरी मार से बचाने के लिए कोर्ट का दखल
महादेव सट्टा एप केस में ईडी और ईओडब्ल्यू की जांच का सामना कर रहे चंद्रभूषण वर्मा ने विभागीय कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि एक ही घटना के लिए पुलिस की विभागीय जांच और कोर्ट का ट्रायल साथ-साथ चलना ठीक नहीं है। इससे आरोपी को अपना बचाव करने में दिक्कत आती है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि विभागीय जांच को तुरंत रोक दिया जाए और कानूनी निपटारा होने के बाद ही इसे दोबारा शुरू किया जाए।
जांच जारी रहेगी पर कार्रवाई पर ब्रेक
हालांकि हाईकोर्ट के इस आदेश का मतलब यह कतई नहीं है कि वर्मा को आरोपों से क्लीन चिट मिल गई है। ईडी और ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही आपराधिक जांच और कोर्ट में चल रहा केस पहले की तरह ही चलता रहेगा। कोर्ट ने सिर्फ पुलिस विभाग की आंतरिक जांच (विभागीय जांच) पर रोक लगाई है ताकि आरोपी पर दोहरी जांच का बोझ न पड़े।
क्या है पूरा मामला
महादेव सट्टा एप घोटाला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित मामलों में से एक है। इसमें कई बड़े पुलिस अफसरों और रसूखदारों के नाम सामने आए हैं। एएसआई चंद्रभूषण वर्मा को इस सिंडिकेट की एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
