शराब घोटाले में झारखंड ACB की कार्रवाई तेज, दो शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस और ACB अब भी आरोपी की गिरफ्तारी में नाकाम, सुस्ती पर उठे सवाल
शराब घोटाले में झारखंड ACB की कार्रवाई तेज, दो शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस और ACB अब भी आरोपी की गिरफ्तारी में नाकाम, सुस्ती पर उठे सवाल
झारखंड शराब घोटाले में ACB की सख्त कार्रवाई जारी है। छत्तीसगढ़ के दो शराब कारोबारियों की गिरफ्तारी से घोटाले के छत्तीसगढ़ कनेक्शन का खुलासा हुआ है, लेकिन छत्तीसगढ़ ACB और पुलिस की सुस्ती पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
रायपुर: ACB की इस कार्रवाई से जहां झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती दिख रही है, वहीं छत्तीसगढ़ ACB की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है। झारखंड मामले से जुड़े कई आरोपी छत्तीसगढ़ से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन यहां अब तक कोई ठोस गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, जबकि कुछ मामलों में चालान तक पेश हो चुका है, लेकिन गिरफ्तारी सवालों के घेरे में बताई जा रही है।
दरअसल, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ स्थित श्री ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल कुमार सिंह और मुकेश मनचंदा को धर दबोचा है। दोनों आरोपी छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, और इन्हें ACB ने पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के दौरान जब उनके जवाब असंतोषजनक पाए गए, तो ACB ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि झारखंड में छत्तीसगढ़ की तर्ज पर ही शराब घोटाले को अंजाम दिया गया था। विधु गुप्ता की एजेंसी के माध्यम से झारखंड स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के टेंडर में फर्जी मैनपावर की तैनाती की गई थी। कर्मचारियों की सैलरी को बढ़ा-चढ़ाकर दर्शाया गया और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी धन की हेराफेरी की गई।
अहम कड़ी हैं अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा
ACB के अनुसार, विधु गुप्ता का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है, जो ठेकेदारों, अफसरों और सप्लायर्स को प्रभावित करता था। वहीं छत्तीसगढ़ के 2 शराब कारोबारी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा इस नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। झारखंड ACB की टीम इन्हें रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करने जा रही है। अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा की गिरफ्तारी के बाद ये माना जा रहा है कि घोटाले में शामिल सरकारी अधिकारियों और ठेकेदारों के नए नाम सामने आ सकते हैं। खासकर छत्तीसगढ़ से जुड़े कारोबारियों और एजेंसियों और अफसरों के इस मामले में मुश्किलें बढ़ सकती है।
बहुचर्चित शराब घोटाले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के एमडी विधु गुप्ता, झारखंड के पूर्व उत्पाद सचिव विनय चौबे जैसे नाम शामिल हैं। माना जा रहा है कि अतुल सिंह और मनचंदा से पूछताछ के बाद और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। बता दें कि विधु गुप्ता छत्तीसगढ़ में शराब में लगने वाले होलोग्राम की सप्लाई करता था, लेकिन छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में शामिल होकर उसकी कंपनी ने नकली होलोग्राम की सप्लाई की और छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले को अंजाम दिया।
छत्तीसगढ़ कनेक्शन उसी मॉडल पर हुआ झारखंड में घोटाला
जांच में खुलासा हुआ है कि झारखंड में शराब घोटाले का तरीका छत्तीसगढ़ की तर्ज पर ही अपनाया गया। विधु गुप्ता की एजेंसी ने झारखंड स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के टेंडर में फर्जी मैनपावर दिखाया। कर्मचारियों के वेतन और खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों की रकम निकाल ली गई। फिलहाल, अब देखना गौरतलब होगा कि झारखंड ACB की गिरफ्तारी के बाद, क्या छत्तीसगढ़ प्रशासन हरकत में आता है, या फिर आरोपियों को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के चलते राहत मिलती रहेगी ?
