Cancer Treatment Fraud: 'चमत्कारी इलाज' के नाम पर महिला से 13 लाख की ठगी, टीवी विज्ञापन से शुरू हुआ पूरा खेल
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से अंधविश्वास और साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान से इलाज करने का दावा करने वाले तीन कथित पंडितों ने एक महिला को अपने झांसे में लेकर करीब 13 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता ने जब खुद को ठगा हुआ महसूस किया तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
टीवी विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार, रनचिराई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री निवासी महिला ने एक टीवी चैनल पर प्रसारित ऐसा विज्ञापन देखा, जिसमें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को चमत्कारी तरीके से ठीक करने का दावा किया गया था। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद उत्तर प्रदेश के रहने वाले तीन लोगों ने खुद को पंडित बताते हुए महिला का विश्वास जीत लिया। आरोपियों ने दावा किया कि विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान से उसके पति का कैंसर पूरी तरह ठीक हो जाएगा।
उम्मीद का फायदा उठाकर ऐंठे 13 लाख रुपये
पति के इलाज की उम्मीद में महिला आरोपियों के झांसे में आ गई। कथित पंडितों ने अलग-अलग बहाने बनाकर कई किस्तों में उससे करीब 13 लाख रुपये अपने खातों में जमा करा लिए। लंबे समय तक पैसे लेने के बावजूद जब कोई परिणाम नहीं मिला और आरोपी लगातार नए-नए बहाने बनाने लगे, तब महिला को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपियों की तलाश शुरू
पीड़िता की शिकायत पर रनचिराई थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है या नहीं।
अंधविश्वास नहीं, वैज्ञानिक इलाज ही है विकल्प
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि गंभीर बीमारियों के नाम पर चमत्कारी इलाज का दावा करने वाले ठग लोगों की मजबूरी और भावनाओं का फायदा उठाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर का उपचार केवल योग्य डॉक्टरों और वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है। ऐसे में किसी भी विज्ञापन, चमत्कारी दावे या झूठे धार्मिक उपचार पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें और संदिग्ध मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
