CHC में मानवता शर्मसार? शव सौंपने के लिए मांगे गए पैसे, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, CMHO ने दिए जांच के निर्देश
बतौली। सरगुजा जिले के बतौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपने के नाम पर कथित अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद शव देने के लिए उनसे 1,500 से 2,000 रुपये की मांग की गई। पैसे देने में असमर्थता जताने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और शव देने में आनाकानी की गई। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के निर्देश दिए हैं।
परिजनों ने लगाया अवैध वसूली का आरोप
जानकारी के अनुसार, बतौली थाना क्षेत्र के कदनई लोटाभावना निवासी नेतराम मझवार की शुक्रवार देर रात पति-पत्नी विवाद के बाद तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चीरघर ले जाया गया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपने के लिए अस्पताल परिसर में मौजूद एक व्यक्ति ने 1,500 से 2,000 रुपये की मांग की। जब मृतक के बेटे बंधन मझवार ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए पैसे देने में असमर्थता जताई, तो कथित रूप से शव देने से इनकार कर दिया गया।
स्थानीय नागरिक के हस्तक्षेप के बाद मिला शव
परिजनों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय नागरिक प्रियेश अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित व्यक्ति से बातचीत की और अपने पास से 300 रुपये दिए, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
पहले भी ऐसे आरोप लगने का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। उनका आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपने के नाम पर पहले भी कई परिजनों से पैसे मांगे गए हैं। यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है और गरीब परिवारों के लिए अतिरिक्त पीड़ा का कारण बन रहा है।
कार्रवाई की मांग तेज
प्रियेश अग्रवाल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल में इस तरह की वसूली हो रही है, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
CMHO ने दिए जांच के निर्देश
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह मार्को ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने संबंधित बीएमओ को नोटिस जारी कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही या अवैध वसूली की पुष्टि होती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
