अंबिकापुर सीएसपी और 2 पुलिस अफसरों पर 1 करोड़ घूस लेने का आरोप, दिल्ली की विशेष अदालत ने जारी किया नोटिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पदस्थ नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) राहुल बंसल और पुलिस महकमे के दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ एक करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि इस रकम का लेनदेन हवाला नेटवर्क के जरिए किया गया। इस मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू विशेष सीबीआई अदालत ने सख्त रुख किया है। शिकायत पर प्रथम दृष्टया संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), सीबीआई निदेशक और संबंधित आरोपी पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
अदालत ने डीजीपी से इस पूरे प्रकरण सहित तथ्यात्मक जानकारी मांगी है। वहीं, सीबीआई को निर्देश दिया है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद से अब तक उनके स्तर पर क्या कार्रवाई की गई है।
1 जुलाई को दाखिल की गई शिकायत
यह मामला विशेष सीबीआई अदालत (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के जज सुधांशु कौशिक की न्यायालय में है। बीते 1 जुलाई 2026 को आकाश कुमार नाम के व्यक्ति की ओर से (बीएनएनएस) 2023 की धारा 175(3) के अंतर्गत नई शिकायत दर्ज कराई गई। अदालत ने इसे प्राप्त करने के बाद जांच के लिए पंजीकृत करने के निर्देश दे दिए हैं। अदालत कक्ष में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता मनमीत सिंह उपस्थित रहे।
साइबर थाने के दो एसआई भी साजिश में शामिल
अदालत में की गई शिकायत और प्रस्तुत शपथ-पत्र में आरोप है कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी राहुल बंसल ने साजिश रची। इस साजिश में सरगुजा के साइबर थाने में पदस्थ दो उप निरीक्षक (एसआई) भी उनके साथ शामिल थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन तीनों ने मिलकर हवाला का उपयोग करते हुए एक करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत मांगी और उस रकम को स्वीकार भी किया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर की मांग
शिकायतकर्ता ने अदालत से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट) की धारा 7 और 7ए के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। इसके अतिरिक्त, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 308 और 351 के अंतर्गत भी मुकदमा दर्ज करने का आग्रह किया गया है।
8 जून को सीबीआई को दी गई थी जानकारी
सुनवाई के वक्त शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 8 जून 2026 को ही सीबीआई निदेशक को लिखित शिकायत भेज दी गई थी। इसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई का अनुरोध था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस और जांच एजेंसियों की निष्क्रियता के कारण कोई कदम नहीं उठाया गया। इस पुरानी शिकायत की प्रति भी अदालत में पेश की गई है।
स्थानीय पुलिस के आला अधिकारियों ने किया किनारा
रिश्वत और हवाला के इस प्रकरण पर स्थानीय पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे है। सरगुजा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश अग्रवाल से जब उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह प्रकरण रेंज थाने के अधीन आता है। ऐसे में इस बारे में आईजी सर ही कुछ बता पाएंगे।
