विवादित कारोबारी दीपक टंडन के 'होटल वेलकम श्री' पर निगम का डंडा, लाखों के टैक्स बकाए पर हुई सिलिंग की कार्रवाई
टैक्स चोरी, 15 लाख की ठगी और DSP से विवाद... विवादों के बादशाह बने दीपक टंडन; निगमायुक्त के निर्देश पर हुई बड़ी कार्यवाही
रायपुर । राजधानी रायपुर में नगर निगम ने बकायेदारों और टैक्स चोरों के खिलाफ अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। इसी कड़ी में हमेशा विवादों, धोखाधड़ी और ठगी के आरोपों से घिरे रहने वाले कथित होटल कारोबारी दीपक अंबेडकर टंडन पर निगम का भारी हंटर चला है। नगर निगम की टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए संपत्तिकर (प्रॉपर्टी टैक्स) के रूप में बकाया लाखों रुपये जमा न करने पर उनके 'होटल वेलकम श्री' को सील कर दिया है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि कानून से बड़ा कोई रसूखदार नहीं है।
बार-बार नोटिस को किया नजरअंदाज, फिर हुई सीलिंग
जानकारी के अनुसार, विवादित कारोबारी के होटल वेलकम श्री पर नगर निगम का लाखों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स लंबे समय से बकाया था। प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए निगम की ओर से दीपक टंडन को बार-बार नोटिस भेजे गए, लेकिन आदतन डिफॉल्टर की तरह उसने हर बार इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया। अंततः निगमायुक्त के सख्त आदेश और दिशा-निर्देशों पर नगर निगम के राजस्व विभाग और संबंधित जोन के अधिकारियों की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और होटल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर उसे सील कर दिया। बताया जा रहा है कि निगम की इस सख्ती का असर इतना व्यापक था कि उसी दिन शहर के अन्य बकायेदारों से भी लाखों रुपये के राजस्व की बंपर रिकवरी की गई।
काले कारनामों की लंबी है फेहरिस्त: ठगी से लेकर मारपीट तक
होटल सील होने की यह घटना दीपक टंडन के काले कारनामों की सूची में महज एक नया अध्याय है। इस शातिर कारोबारी का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग दीपक टंडन को सरेआम लात-घूंसों और बेल्ट से बेरहमी से पीटते और कपड़े उतारते नजर आ रहे थे।
इनके घपलों की बात करें तो, सक्ती जिले के कोयला कारोबारी किशन शर्मा ने आरोप लगाया है कि मार्च 2022 में कोयले का बड़ा टेंडर दिलाने का झांसा देकर टंडन ने उनसे 15 लाख रुपये की ठगी की। गारंटी के लिए दिए गए चेक भी फर्जी निकले क्योंकि खाता पहले ही बंद किया जा चुका था। इससे पहले 2018 में व्यापमं की राजस्व निरीक्षक परीक्षा का प्रश्नपत्र दिलाने के नाम पर ठगी और कोरबा जिले के दीपका थाने में कोल ट्रांसपोर्ट का काम दिलाने के नाम पर 27 लाख रुपये ऐंठने के संगीन मामलों में भी दीपक टंडन मुख्य आरोपी रहा है।
कानून के रक्षकों को भी नहीं बख्शा
इस कारोबारी की दबंगई और फरेब का आलम यह है कि इसने पुलिस विभाग को भी अपने निशाने पर लिया। डीएसपी कल्पना वर्मा ने आरोप लगाया था कि दीपक टंडन ने उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया और छवि खराब करने की नीयत से सोशल मीडिया पर उनके नाम से फर्जी चैट और तस्वीरें वायरल कीं। डीएसपी अपने बकाये पैसे मांगने इस विवादित होटल में गई थीं। हालांकि, फिलहाल यह कारोबारी कई मामलों में जमानत पर बाहर जरूर है, लेकिन इसके खिलाफ पुलिस और प्रशासन की विवेचना लगातार जारी है।
नगर निगम की अपील, समय पर भरें टैक्स, पाएं छूट और बचें कार्रवाई से
इस बड़ी कार्रवाई के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शहर में टैक्स की चोरी करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा। निगम प्रशासन ने शहर के सभी नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे रायपुर के विकास कार्यों में भागीदार बनें और अपना संपत्तिकर (प्रॉपर्टी टैक्स) समय सीमा के भीतर जमा करें। समय पर टैक्स जमा करने वाले जागरूक नागरिकों को निगम द्वारा तय की गई विशेष छूट (रिबेट) का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। अपनी जिम्मेदारी निभाएं और संपत्ति सील होने जैसी दंडात्मक कार्रवाई व सामाजिक बदनामी से खुद को बचाएं।
