क्लासरूम के बाहर खून का खेल: 11वीं के दो छात्रों की भिड़ंत में एक की मौत, दूसरा गंभीर,स्कूल सुरक्षा पर उठे सवाल
तिल्दा-नेवरा: तिल्दा-नेवरा में स्कूली छात्रों के बीच हुआ विवाद एक बार फिर उस खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा कर रहा है, जिसमें किशोर उम्र के बच्चे छोटी-छोटी रंजिशों को भी जानलेवा संघर्ष में बदलते जा रहे हैं। 11वीं कक्षा के दो छात्रों के बीच हुई चाकूबाजी ने एक छात्र की जान ले ली, जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। यह घटना सिर्फ एक स्कूल विवाद नहीं, बल्कि उस बढ़ती हिंसा की चेतावनी है, जो अब शिक्षा के मंदिर माने जाने वाले स्कूलों के बाहर तक पहुंच चुकी है।
जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र सासाहोली स्थित सरस्वती स्कूल में 11वीं कक्षा के विद्यार्थी थे। पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच आपसी तनाव और रंजिश की बात सामने आ रही है। आज स्कूल की छुट्टी के बाद बाहर हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक छात्र ने दूसरे पर चाकू से हमला किया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए।
बताया जा रहा है कि हमले के दौरान दूसरे छात्र ने खुद को बचाने की कोशिश में चाकू छीन लिया और जवाबी वार किया। इसी दौरान दोनों को गंभीर चोटें आईं, जिसमें एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे घायल छात्र को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर रायपुर रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जबकि घायल छात्र के बयान के बाद पूरे मामले की परतें खुलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस विवाद में कुछ अन्य छात्रों की भूमिका भी हो सकती है, हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर किशोर उम्र के छात्र इतनी तेजी से हिंसक प्रवृत्ति की ओर क्यों बढ़ रहे हैं। छोटी-छोटी रंजिशों का जानलेवा संघर्ष में बदल जाना न सिर्फ स्कूल प्रशासन बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।
