बिलासपुर प्रेस क्लब विवाद: पूर्व अध्यक्ष इरशाद अली ने दी कार्यकारिणी सदस्य कैलाश को जान से मारने की धमकी, FIR दर्ज
बिलासपुर. शहर के प्रतिष्ठित बिलासपुर प्रेस क्लब के भीतर चल रही गुंडागर्दी और रंजिश अब खुल के सामने आ गई है। 15 अगस्त के दिन प्रेस क्लब परिसर में हुए विवाद के बाद, पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष और प्रेस क्लब गृह निर्माण समिति के उपाध्यक्ष इरशाद अली के खिलाफ पुलिस ने एक्शन लिया है। सिविल लाइन पुलिस ने प्रेस क्लब के मौजूदा कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव की लिखित शिकायत के बाद इरशाद अली के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शहर के पत्रकारों में यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
15 अगस्त को कार्यक्रम के बाद रास्ता रोककर किया विवाद जान से मारने की धमकी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पूरा मामला 15 अगस्त का है। प्रेस क्लब परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में पत्रकार और पदाधिकारी शामिल हुए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद, जब कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव सुलभ शौचालय की ओर से वापस लौट रहे थे, तभी पूर्व अध्यक्ष इरशाद अली ने जबरन उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि इरशाद अली ने बिना किसी उकसावे के उनके साथ अभद्र व्यवहार गाली गलौच शुरू कर दी ।
बहुत नेतागिरी कर रहा है, तुझे जल्दी निपटाऊंगा
अपनी लिखित शिकायत में कैलाश यादव ने बताया है कि इरशाद अली ने उन्हें रोककर धमकी दी। इरशाद ने कहा, "बहुत बड़ा नेता हो गया है, आजकल बहुत नेतागिरी कर रहा है। तुझे मैं बहुत जल्दी निपटाऊंगा।" कैलाश का आरोप है कि इरशाद अली यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने सरेआम मां-बहन की गन्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए BNS की धारा 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
चुनाव के बाद से ही चल रही है रंजिश
प्रेस क्लब में हुए इस विवाद की मुख्य वजह कारण चुनावी रंजिश बताई जा रही है। कैलाश यादव ने अपनी शिकायत में इस बात का उल्लेख किया है कि हाल ही में संपन्न हुए प्रेस क्लब चुनाव के बाद से ही पूर्व अध्यक्ष इरशाद अली उनके प्रति खुन्नस रखने लगे हैं। इसी व्यक्तिगत और चुनावी रंजिश के चलते उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनसे विवाद किया।
ये दो अन्य पदाधिकारी भी थे मौके पर मौजूद..
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद अन्य लोग भी पूरा घटनाक्रम देखते रहे। कैलाश यादव ने अपनी शिकायत में बताया है कि जिस वक्त इरशाद अली उन्हें धमका रहे थे और गालियां दे रहे थे, उस समय प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी और सह सचिव हरिकिशन गंगवानी भी मौके पर मौजूद थे।
देर शाम थाने पहुंचे पत्रकार, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद, देर शाम प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवई, उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी के नेतृत्व में अन्य साथी पत्रकारों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे और थाना प्रभारी किशोर केवट से मामले की लिखित शिकायत की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब गवाहों के बयान दर्ज करेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एक अन्य मामले में अब तक एफ आई आर नहीं।
प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष इरशाद अली के विरुद्ध यह पहला मामला नहीं है इसके पहले भी जिला पंजीयन विभाग ने इरशाद के विरुद्ध सिविल लाइन पुलिस को 420 के एक प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज करने पत्र लिखा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
