गाड़ियों के आगे सड़क पर लेटकर शूटिंग! इंदौर की इन्फ्लुएंसर का VIDEO वायरल, पुलिस बोली- नियम टूटा तो होगी कार्रवाई
इंदौर। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इंदौर में ट्रैफिक नियमों और सार्वजनिक जगहों पर कंटेंट शूट करने को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में एक महिला इन्फ्लुएंसर जेब्रा क्रॉसिंग पर वाहनों के सामने लेटकर शूटिंग करती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने इसका संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पड़ताल में वीडियो लैंटर्न चौराहे का प्रतीत हो रहा है। यदि जांच में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन, यातायात बाधित करने या खुद अथवा दूसरे लोगों की जान जोखिम में डालने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिग्नल पर रुकी गाड़ियों के आगे लेटी नजर आई युवती
वायरल वीडियो में एक युवती सड़क पर बनी जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटी दिखाई दे रही है। उसके आसपास वाहन खड़े नजर आ रहे हैं और इसी दौरान फोटो-वीडियो शूट किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो में नजर आ रही युवती प्रकृति गौर नाम की इन्फ्लुएंसर है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड किया गया था।
वायरल वीडियो तक ऐसे पहुंची पुलिस
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने इसे चिन्हित किया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, पुलिस ने वायरल कंटेंट को जांच में लिया है। शुरुआती जांच में वीडियो लैंटर्न चौराहे का दिखाई दे रहा है। पुलिस अब वीडियो की सत्यता, लोकेशन और शूटिंग के दौरान वास्तविक परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
ट्रैफिक नियमों के साथ सोशल मीडिया गाइडलाइन भी जांच के दायरे में
पुलिस के मुताबिक, मामला सिर्फ ट्रैफिक नियमों तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के तहत भी वीडियो की जांच की जा रही है। एडिशनल डीसीपी ने कहा कि सोशल मीडिया कंटेंट के संबंध में पुलिस कमिश्नर की ओर से समय-समय पर गाइडलाइंस जारी की जाती हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा सड़क पर इस तरह शूटिंग करने से अगर यातायात प्रभावित होता है या किसी व्यक्ति की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, तो उस पहलू से भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का साफ संदेश- इन्फ्लुएंसर हो या कोई और, नियम सबके लिए समान
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता या फॉलोअर्स की संख्या कानून से ऊपर नहीं है। यदि जांच में यह साबित होता है कि वीडियो बनाने के दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया गया या लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाला गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वायरल होने के बाद इन्फ्लुएंसर ने जारी किया दूसरा वीडियो
विवाद बढ़ने के बाद इन्फ्लुएंसर ने भी अपना पक्ष सामने रखा। उन्होंने एक वीडियो जारी कर घटना पर खेद जताया और कहा कि उनके वीडियो को कुछ लोगों ने गलत संदर्भ में पेश किया है। उनका दावा है कि शूटिंग के दौरान उन्होंने जानबूझकर कोई ट्रैफिक नियम नहीं तोड़ा था। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर वीडियो बनाते समय वह ज्यादा सावधानी बरतेंगी।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल, इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि को लेकर पुलिस का आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है। अब जांच में यह तय होगा कि जेब्रा क्रॉसिंग पर शूटिंग के दौरान वास्तव में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं और क्या इससे किसी की सुरक्षा अथवा यातायात प्रभावित हुआ। वायरल वीडियो ने एक अहम सवाल जरूर खड़ा कर दिया है,सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की वायरल क्लिप के लिए सार्वजनिक सड़क पर सुरक्षा से समझौता कितना उचित है?
