CG में नकली सिगरेट के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश: बिलासपुर और रायगढ़ में ITC और पुलिस की संयुक्त रेड, 'गोल्ड फ्लैक' के नाम पर चल रहा था लाखों का अवैध खेल
रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में ब्रांडेड सिगरेट के नाम पर चल रहे एक बड़े और संगठित काले कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। जानी-मानी एफएमसीजी कंपनी आईटीसी (ITC) की विजिलेंस टीम और स्थानीय पुलिस ने बिलासपुर और रायगढ़ जिलों में संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में नकली सिगरेट का जखीरा बरामद किया है। 'गोल्ड फ्लैक' (Gold Flake) जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम पर उपभोक्ताओं की सेहत और कंपनी की साख के साथ खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट के तार प्रदेश के कई अन्य जिलों से भी जुड़े होने की प्रबल आशंका है। इस सर्जिकल स्ट्राइक से अवैध कारोबारियों और तस्करों में भारी हड़कंप मच गया है।

बिलासपुर: निगम कॉलोनी के किराए के मकान में चल रहा था 'काला खेल
बिलासपुर जिले के पॉश इलाके सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत महाराणा प्रताप चौक स्थित नगर निगम कॉलोनी में यह अवैध कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा था। आईटीसी कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि राजा साहू को लगातार गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि शहर में भारी मात्रा में ट्रेडमार्क का उल्लंघन करते हुए नकली सिगरेट मार्केट में खपाई जा रही है।
इस पुख्ता इनपुट के आधार पर सिविल लाइन पुलिस और आईटीसी की विशेष टीम ने निगम कॉलोनी के एक किराए के मकान में अचानक दबिश दी। पुलिस ने जब वहां रखा माल देखा, तो उनके होश उड़ गए। वहां से 4 लाख 76 हजार रुपये की कीमत का नकली सिगरेट का बड़ा स्टॉक—जिसमें कई कार्टन और आउटर बॉक्स शामिल थे—जब्त किया गया। मौके से एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जिससे इस नेटवर्क के सरगनाओं को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
पैकेजिंग ऐसी कि असली-नकली का फर्क भूल जाएं ग्राहक
टीम ने मौके से जब्त ‘Gold Flake Premium’ और ‘Gold Flake Honey Dew’ ब्रांड के नाम पर बेचे जा रहे पैकेटों की बारीकी से जांच की। प्रथम दृष्टया ही यह स्पष्ट हो गया कि पैकेट पर छपा लोगो गलत है, फॉन्ट और रंगों की गुणवत्ता असली उत्पाद से बिल्कुल अलग और बेहद निम्न स्तर की है। ब्रांडिंग में की गई इस भारी गड़बड़ी ने यह पुख्ता कर दिया कि सारा माल 100% नकली है।
रायगढ़ में भी खुला राज: 'महादेव पान मसाला' पर दबिश
बिलासपुर की कार्रवाई की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि रायगढ़ जिले से भी ऐसा ही एक बड़ा मामला सामने आ गया। यहां के चक्रधर नगर क्षेत्र स्थित 'महादेव पान मसाला' नामक दुकान में आईटीसी के अधिकृत प्रतिनिधि सदानंद मिश्रा ने खुद पहुंचकर सिगरेट के नमूने खरीदे। जांच में यहां भी 'Gold Flake' के नाम पर नकली सिगरेट बेचे जाने की पुष्टि हुई।
हद तो तब हो गई जब दुकान में उपभोक्ताओं को भ्रमित करने के लिए असली ब्रांड से मिलते-जुलते नामों वाले ‘Gold Vimal’ और ‘White Flash’ जैसे नामों से भी सिगरेट खपाते हुए पाई गई। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से दुकान संचालक लक्ष्मण दास जयसिंह और संबंधित कथित निर्माता कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
करोड़ों का सिंडिकेट और सख्त कानूनी फंदा
इन दोनों बड़ी कार्रवाइयों से यह बात तो शीशे की तरह साफ हो गई है कि प्रदेश में एक बेहद संगठित गिरोह सक्रिय है, जो नकली सिगरेट के निर्माण, भंडारण और सप्लाई चेन को कंट्रोल कर रहा है। यह पूरा मामला करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और अवैध कमाई से जुड़ा है, जो न केवल सरकारी खजाने को चूना लगा रहा है, बल्कि पहले से ही हानिकारक उत्पाद में घटिया सामग्री मिलाकर लोगों की जान से भी खेल रहा है।
पुलिस ने इन दोनों मामलों में बेहद सख्ती दिखाते हुए कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 63, 64और ट्रेडमार्क एक्ट 1999 की धारा 104 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS)
की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस की जांच अब केवल इन खुदरा विक्रेताओं या गोदाम संचालकों तक सीमित नहीं रहने वाली है। असली निशाना इस नकली सिगरेट की 'सप्लाई चेन', 'मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स' और 'डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क' को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में कई और बड़े सफेदपोश चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस की तफ्तीश तेजी से आगे बढ़ रही है।
