44 करोड़ का पैरी नहर घोटाला: पीएमओ के निर्देश के बाद भी IAS सुब्रत साहू पर कार्रवाई लंबित, फाइलों में दबा मामला

44 करोड़ का पैरी नहर घोटाला: पीएमओ के निर्देश के बाद भी IAS सुब्रत साहू पर कार्रवाई लंबित, फाइलों में दबा मामला

रायपुर।छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 44 करोड़ रुपये के पैरी नहर लाइनिंग प्रोजेक्ट में हुए भ्रष्टाचार का मामला फाइलों में ही दफन होकर रह गया है। इस गंभीर मामले में साल 2022 में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक शिकायत पहुंची थी। केंद्र सरकार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी अपर मुख्य सचिव (ACS) सुब्रत साहू (IAS-1992 बैच) के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन हैरत की बात यह है कि केंद्र के स्पष्ट पत्राचार के बावजूद राज्य शासन स्तर पर आज तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और कार्रवाई लंबित है।

 क्या है पूरा मामला?

जल संसाधन संभाग गरियाबंद के अधीन पैरी परियोजना के तहत वर्ष 2020-21 में लगभग 44 करोड़ रुपये की लागत से पैरी दायीं मुख्य नहर लाइनिंग और फिंगेश्वर डिस्ट्रीब्यूटरी का कार्य स्वीकृत हुआ था। 26 मई 2020 को इसका अनुबंध 'ए' श्रेणी के ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल के साथ किया गया था।शिकायतकर्ता प्रीतम सिन्हा (निवासी- गरियाबंद) के अनुसार  15 जनवरी 2021 को काम से जुड़े सारे अधिकार रायपुर निवासी अनिल सिंह चंदेल को सौंप दिए गए। आरोप है कि अनिल चंदेल और तत्कालीन अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू के बीच आत्मीय संबंध थे, जिसका फायदा उठाकर नियमों को ताक पर रख दिया गया।

 पद का दुरुपयोग कर फर्जी बिलों से करोड़ों का वारा-न्यारा

प्रधानमंत्री को भेजी गई शिकायत में सुब्रत साहू पर पद का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप है। शिकायत के मुताबिक आईएएस अधिकारी के संरक्षण में ठेकेदार द्वारा निर्माण में बेहद गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल किया गया। सांठगांठ कर फर्जी बिल और वाउचर तैयार किए गए और करोड़ों का भुगतान निकाल लिया गया।

Read More MP Crime News: धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु थे निशाने पर! सोशल मीडिया से रेकी कर चोरी करने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार

 रॉयल्टी और डीएमएफ (DMF) की चोरी कर शासन को भारी आर्थिक व राजस्व क्षति पहुंचाई 

Read More स्कूल फ्रेंड ने शादी का झांसा देकर युवती से किया दुष्कर्म, प्रेग्नेंट हुई तो खिलाई गर्भपात की दवा, अब वीडियो वायरल करने की दी धमकी

शिकायतकर्ता ने पीएमओ को सबूत के तौर पर आईएएस और ठेकेदार की तस्वीरें, मुख्तारनामा की कॉपी, फर्जी बिल-वाउचर और घटिया निर्माण की तस्वीरें भी भेजी थीं।

केंद्र ने कहा उचित कार्रवाई करें, राज्य ने साधी चुप्पी

इस मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने 6 मई 2022 को इसे आगे बढ़ाया। इसके बाद भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (DoPT) के अवर सचिव (Under Secretary) रूपेश कुमार ने 25 मई 2022 को एक गोपनीय पत्र (Confidential/Speed Post) छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को भेजा।

आज भी धूल खा रही फाइलें

यह मामला 2022 का है। केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद, छत्तीसगढ़ शासन के स्तर पर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। एक शीर्ष नौकरशाह का नाम शामिल होने के कारण इस पर न तो कोई जांच कमेटी बैठी और न ही कोई एक्शन लिया गया। केंद्र के निर्देश आज भी राज्य सचिवालय की फाइलों में धूल खा रहे हैं।

Tags:

Latest News

70 एकड़ जमीन के मालिक की आपत्ति पर निर्माण रोकने का आरोप, नायब तहसीलदार के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग 70 एकड़ जमीन के मालिक की आपत्ति पर निर्माण रोकने का आरोप, नायब तहसीलदार के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग
चोरी की पटकथा लिखती थी युवती, 9 सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश, चार नाबालिग भी शामिल
शराब पीने के बाद मचा मौत का तांडव, बसपा पार्षद समेत दो की मौत, पुलिस ने शुरू की जांच
रेड नदी में मौत का मंजर, नहाने उतरे पांच लोग गहरे पानी में समाए, दो के शव मिले, घाट पर उमड़ी भीड़
अधूरे मकानों ने खोली योजना की पोल, तीन ठेकेदारों पर 7.49 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप, FIR दर्ज
शिक्षकों की छुट्टी पर भी डिजिटल पहरा, अब ऑफलाइन आवेदन नहीं होंगे मंजूर
6 मौतों और 37 यात्रियों के घायल होने के बाद शासन का बड़ा एक्शन, कोरिया आरटीओ अमित कश्यप अटैच
बिलासपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 10 निरीक्षकों की नई तैनाती, सिविल लाइन से कोतवाली तक बदले प्रभारी
टैक्स चोरी में होटल वेलकम श्री सील होने से बौखलाया हिस्ट्रीशीटर दीपक टंडन।
घुमाने के बहाने पत्नी को ले गया पति, शिवनाथ नदी में मौत, मयूर मेश्राम हिरासत में
86 लाख की आय, 1.90 करोड़ खर्च, लक्ष्मण गाईन पर एसीबी का शिकंजा
वन माफियाओं पर आधी रात दबिश, 12 चक्का ट्रक समेत तीन वाहन जब्त, लकड़ी तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज