मानसून सत्र के पहले गरमाई सियासत: परंपरा से हटकर 6 दिन पहले बुलाई गई विधायक दल की बैठक; नकटी विवाद और अविश्वास प्रस्ताव पर बनेगी रणनीति
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। आगामी मानसून सत्र से पहले बीजेपी ने अपनी राजनीतिक रणनीति को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। मंगलवार शाम को होने वाली इस बैठक में सभी मंत्री और बीजेपी विधायक शामिल होंगे।
आमतौर पर विधानसभा सत्र शुरू होने पर यह बैठक बुलाई जाती है। ऐसी बैठकें सत्र शुरू होने के ठीक पहले आयोजित होती थीं, लेकिन इस बार छह दिन पहले ही सभी विधायकों को रायपुर बुलाया गया है। एक हफ्ते पहले यह बैठक करने पर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सामान्य परंपरा से पहले विधायक दल की बैठक बुलाने को लेकर माना जा रहा है कि विपक्ष के संभावित हमलों का जवाब देने के लिए सरकार अपनी रणनीति तय करेगी।
विपक्ष के 1033 सवाल और अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलेगा। पांच दिवसीय इस सत्र में कुल पांच बैठकें प्रस्तावित हैं। जानकारी के अनुसार विपक्ष विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकता है। विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए पहले ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि विपक्षी विधायकों ने विभिन्न विभागों के 1033 से अधिक सवाल लगाए हैं। मानसून सत्र के दौरान सरकार को तीखे सवालों और आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। सरकार के सामने कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर विपक्ष पहले से आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
इन प्रमुख मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति
सूत्र बताते हैं कि विपक्ष जिन प्रमुख मुद्दों को सदन में उठाने की तैयारी कर रहा है, उनमें रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई सबसे ऊपर मानी जा रही है। नकटी में जिस तरह के हालात बने हैं उससे सरकार घिरते हुए नज़र आ रही है। संगठन और मंत्रियों की सफाई में भी अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं और विधानसभा में कांग्रेस इसको लेकर हमलावर हो सकती है।
इसके अलावा इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जा रही है:
- कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में रेत कारोबार को लेकर हुआ खूनी संघर्ष।
- किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता।
- प्रदेश में कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति तथा अन्य जनहित के मुद्दे।
बैठक में तय होगी विधायकों की भूमिका
इन सब बिंदुओं पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है। बैठक में सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से सदन में रखने और विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने पर चर्चा होगी। सभी विधायकों की भूमिका तय करने के अलावा विभागवार तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि सदन में किसी भी सवाल का प्रभावी जवाब दिया जा सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। एक ओर विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं बीजेपी भी पूरी तैयारी के साथ सदन में उतरने की रणनीति बना रही है। मंगलवार को होने वाली विधायक दल की बैठक आगामी विधानसभा सत्र की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक साबित हो सकती है। दोनों पक्षों की आक्रामक तैयारी को देखते हुए विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
