बलरामपुर में SDM पर मारपीट का आरोप: बुजुर्ग की मौत से सियासत गरम, भूपेश बोले- ‘प्रशासनिक आतंक’, BJP ने कहा- जांच का करें इंतजार

बलरामपुर में SDM पर मारपीट का आरोप: बुजुर्ग की मौत से सियासत गरम, भूपेश बोले- ‘प्रशासनिक आतंक’, BJP ने कहा- जांच का करें इंतजार

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में अवैध बॉक्साइट खनन की जांच के दौरान हुई कथित मारपीट में एक 62 वर्षीय ग्रामीण की मौत के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। घटना कुसमी ब्लॉक के हंसपुर गांव की है, जहां देर रात राजस्व अमले की कार्रवाई के दौरान तीन ग्रामीणों के साथ मारपीट के आरोप लगे हैं।

क्या हुआ उस रात?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, देर रात अवैध उत्खनन की सूचना पर एसडीएम करुण कुमार डहरिया अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे थे। इसी दौरान खेत से लौट रहे तीन ग्रामीणों को रोककर पूछताछ की गई। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि उन पर अवैध खनन में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की गई।

तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां रामनरेश राम नामक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। दो अन्य घायलों का उपचार जारी है। घायलों का कहना है कि वे खेत में सिंचाई कर घर लौट रहे थे और बिना पर्याप्त पूछताछ के उन पर हमला किया गया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने एसडीएम और संबंधित राजस्व अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।image-2026-02-16T163053.668

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पुलिस क्या कह रही है?
जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल विश्लेषण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर दोष सिद्ध होता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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सियासी बयानबाजी तेज
पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने सोशल मीडिया पर घटना को “प्रशासनिक आतंकवाद” करार देते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के मुद्दे पर आवाज उठाने वाले ग्रामीणों को प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं, भाजपा की ओर से सांसद संतोष पांडे ने बयान जारी कर कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि तथ्य सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

आरोपी अधिकारी का विवादित रिकॉर्ड
बताया जाता है कि संबंधित एसडीएम पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। अलग-अलग जिलों में पदस्थापना के दौरान उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। हालांकि, मौजूदा मामले में जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी।

इलाके में तनाव, सुरक्षा बढ़ी
घटना के बाद हंसपुर और आसपास के गांवों में आक्रोश व्याप्त है। प्रशासन ने एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है, जबकि पूरे प्रदेश में प्रशासनिक जवाबदेही और कानून व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।

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