गरीबों के राशन पर डाका! रायपुर की दुकानों से सैकड़ों क्विंटल चावल गायब, मचा हड़कंप
रायपुर। रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकानों से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आने के बाद खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में कई उचित मूल्य दुकानों से सैकड़ों क्विंटल चावल गायब मिलने का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि गरीबों के हक का यह अनाज लंबे समय तक रिकॉर्ड में चलता रहा, लेकिन जिम्मेदार तंत्र को इसकी भनक तक नहीं लगी।
जांच के दौरान कुछ दुकानों में 175 क्विंटल तो कहीं 450 क्विंटल तक चावल का शॉर्टेज पाया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब परिवारों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है, तब इतनी बड़ी मात्रा में राशन आखिर कहां गायब हो गया। कई मामलों में नोटिस जारी होने के बावजूद संचालकों ने न तो चावल जमा किया और न ही उसकी कीमत जमा कराई, जिससे अनियमितताओं की गंभीरता और बढ़ गई है।
खाद्य विभाग ने कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है, लेकिन यह मामला केवल चावल की कमी तक सीमित नहीं है। यह पूरी निगरानी व्यवस्था, स्टॉक सत्यापन प्रक्रिया और जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा करता है। यदि समय पर जांच नहीं होती तो करोड़ों रुपये मूल्य का राशन घोटाला शायद सामने ही नहीं आता।
अब विभाग अन्य राशन दुकानों की भी जांच की तैयारी कर रहा है। हालांकि जनता के बीच यह सवाल बना हुआ है कि गरीबों के हिस्से का अनाज गायब होने के लिए केवल दुकान संचालक जिम्मेदार हैं या फिर इस पूरे खेल में कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था। जांच आगे बढ़ने के साथ कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
