ऑर्गेनिक मॉडल: महासमुंद के किसान ने बदली खेती की तस्वीर, 21 एकड़ में कभी नहीं डाला यूरिया-डीएपी

ऑर्गेनिक मॉडल: महासमुंद के किसान ने बदली खेती की तस्वीर, 21 एकड़ में कभी नहीं डाला यूरिया-डीएपी

महासमुंद/बसना। बढ़ती लागत और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता के बीच ग्राम मिलाराबाद के किसान अंतर्यामी प्रधान ने जैविक खेती का ऐसा मॉडल खड़ा किया है, जिसकी चर्चा अब छत्तीसगढ़ से बाहर राजस्थान और ओडिशा तक हो रही है। 65 एकड़ में पूरी तरह ऑर्गेनिक पद्धति से खेती कर रहे प्रधान ने साबित किया है कि परंपरागत ज्ञान और आधुनिक नवाचार का संतुलन किसान की आय दोगुनी ही नहीं, स्थायी भी बना सकता है।

21 एकड़ जमीन पर कभी नहीं डाला रासायनिक खाद
अंतर्यामी बताते हैं कि उनके पूर्वज रसायनों के सख्त खिलाफ थे। यही वजह है कि उनकी 21 एकड़ जमीन पर आज तक यूरिया या डीएपी का उपयोग नहीं हुआ। वे काला नमक, चिन्नौर, दुबराज और काली मूंछ जैसी दुर्लभ एवं सुगंधित धान किस्मों का संरक्षण और उत्पादन कर रहे हैं। अपने उत्पादों को उन्होंने अपनी दादी की स्मृति में ‘दादी श्रीमोती’ ब्रांड नाम दिया है।whatsapp-image-2026-02-19-at-225721-1_1771677582

लागत घटी, मुनाफा बढ़ा
जैविक विधि से उन्हें प्रति एकड़ 18 से 22 क्विंटल तक धान की औसत उपज मिल रही है, जो रासायनिक खेती के बराबर है। फर्क सिर्फ लागत में है, जहां रासायनिक खेती में 20 से 25 हजार रुपए प्रति एकड़ खर्च होता है, वहीं जैविक में यह लागत 5 से 7 हजार रुपए तक सीमित है। उनका सुगंधित काला नमक चावल 350 रुपए प्रति किलो तक बिकता है।

Read More हाईवे पर स्टंट और सड़क पर बर्थडे: कोर्ट ने कहा- अब गाइडलाइन जरूरी, पुलिस की कार्रवाई सिर्फ वायरल वीडियो तक सीमित 

खेती के साथ रोजगार और स्वास्थ्य लाभ
प्रधान स्थानीय स्तर पर 10 लोगों को सालभर और सीजन में 20-25 लोगों को प्रतिदिन रोजगार दे रहे हैं। वे खरीफ में 9 उन्नत और सुगंधित धान किस्में उगाते हैं, जबकि रबी में गेहूं, मूंग, उड़द, अरहर और गन्ना जैसी फसलें लेते हैं। रसायनमुक्त भोजन के कारण उनके परिवार का चिकित्सा खर्च बेहद कम है और परिवार के सदस्य दीर्घायु रहे हैं।whatsapp-image-2026-02-19-at-225722-1_1771677928

Read More छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग में 5576 करोड़ का महाघोटाला, रात के अंधेरे में अपात्र ठेकेदारों को बांटे टेंडर

गौवंश बना सफलता की रीढ़
उनके पास 60 गौवंश हैं, जिनसे प्रतिवर्ष 250-270 ट्रॉली जैविक खाद तैयार होती है। गौमूत्र, नीम, धतूरा और सीताफल की पत्तियों से वे प्राकृतिक कीटनाशक ‘ब्रह्मास्त्र’ बनाते हैं। खेती के साथ प्रतिदिन 30 लीटर दूध उत्पादन और बकरी, भेड़, मुर्गी व बत्तख पालन से अतिरिक्त आय अर्जित हो रही है।

अंतर्यामी प्रधान का मानना है कि सही तकनीक और आत्मविश्वास के साथ खेती सबसे लाभकारी व्यवसाय बन सकती है। उनकी गुणवत्ता इतनी भरोसेमंद है कि बिलासपुर और सरायपाली से ग्राहक सीधे उनके घर पहुंचकर चावल, दाल और गुड़ खरीदते हैं। उनके मॉडल से प्रेरित होकर आसपास के किसान भी अब जैविक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

Latest News

छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग में 5576 करोड़ का महाघोटाला, रात के अंधेरे में अपात्र ठेकेदारों को बांटे टेंडर छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग में 5576 करोड़ का महाघोटाला, रात के अंधेरे में अपात्र ठेकेदारों को बांटे टेंडर
कोल घोटाले की काली कमाई पहुंची कवि कुमार विश्वास तक: रामनवमी पर कविता पढ़ने मिले 25 लाख, वाट्सएप चैट से खुला राज
निलंबित के आदेश पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, किस नियम से मिला कलेक्टर को अधिकार?
पीड़िता के चरित्र पर सार्वजनिक टिप्पणी पड़ी भाजपा नेता को भारी, एफआईआर दर्ज, आदिवासी समाज को लेकर बयान से मचा बवाल
वर्दी में झाड़ू लगाती महिला आरक्षक का वीडियो वायरल… पुलिस लाइन में मचा हड़कंप, आरआई पर लगाए गंभीर आरोप
एयर गन से चली गोलियां… फिर वन विभाग ने बिछाया जाल, मृत पक्षियों के साथ दो शिकारी गिरफ्तार
Supreme Court: स्कूलों की मॉर्निंग असेंबली में रोज संविधान की प्रस्तावना पढ़ाने की PIL खारिज, SC ने कहा- कक्षा 6 से सिलेबस में शामिल
Saudi Husband Case: विदेश ले जाकर प्रताड़ित करने का आरोप, केरल की महिला की शिकायत पर पति और माता-पिता के खिलाफ केस
Drug Case: नशे की बड़ी खेप पर पुलिस का शिकंजा! 8-10 लाख की अफीम बरामद, सोनीपत के दो आरोपी गिरफ्तार
Bastar Nursing Protest: 2018 से लंबित ग्रेड-पे पर नर्सिंग स्टाफ का फूटा आक्रोश, डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में 3 दिन का विरोध
INDIA Bloc Protest: SIR विवाद पर दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन तेज, 300 से ज्यादा सांसदों के मार्च पर पुलिस ने लगाया ब्रेक
NH-43 Accident: खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ी बाइक, दो युवकों की मौत; तीसरा गंभीर रूप से घायल